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प्रधानमंत्री से संवाद कर गदगद हुईं आरती और सुषमा
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स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मिनी बैंक चलाने वाली जिले की दो बीसी सखियों आरती देवी और सुषमा देवी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद करने का मौका मिला। प्रयागराज में आयोजित मातृशक्ति महाकुंभ में प्रधानमंत्री ने 25 महिलाओं से संवाद किया। महिलाओं की टोली में शामिल होकर दोनों बीसी सखियां काफी खुश हैं। उनका कहना है कि कभी सोचा भी नहीं था कि ग्रामीण परिवेश में रह कर इतनी बड़ी कामयाबी मिलेगी। प्रधानमंत्री के सामने संवाद में शामिल होकर उत्साहित आरती देवी और सुषमा देवी ने कहा कि इससे हौसला बढ़ा है। पहले से कहीं ज्यादा उत्साह के साथ काम करेंगी। अभी तीन माह में 25 लाख रुपये का लेनदेन कर चुकी हैं। इसमें अब और तेजी लाएंगी।
ज्ञानपुर ब्लॉक के सरई मिश्रानी गांव निवासी आरती मां वैष्णो स्वयं सहायता समूह से जुड़कर काम कर रही हैं। आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में काम करते हुए आरती देवी ने सितंबर के महीने में बीसी सखी यानी बैंक मित्र के रूप में काम करना शुरू किया। पेमेंट बैंक के माध्यम से लोगों का खाता खोलने और धनराशि के लेन-देन का काम शुरू किया था। तीन माह में 25 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। साथ ही 83 लोगों का खाता भी खोलवाया गया। उनका कहना है कि यह मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसी तरह औराई ब्लॉक के लाला नगर निवासी सुषमा देवी ने भी तीन माह में 30 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन खाते से किया है। वह माला आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। कहती हैं कि बीसी सखी के रूप में काम करके न केवल सम्मान मिला है, बल्कि आर्थिक रूप से भी स्वावलंबी बनी हैं लोगों का खाता खोलने और लेनदेन से आय भी हो रहा है। प्रधानमंत्री के साथ संवाद करने वाली चुनिंदा बीसी सखियों में शामिल होने और रूबरू होने पर काफी खुश हैं। कहती हैं कि इससे महिला सशक्तीकरण को बल मिलेगा। मैं पहले से ज्यादा उत्साह के साथ काम करूंगी। उन्होंने बताया कि मुझे कुछ बात करने का अवसर तो नहीं मिला, लेकिन अन्य सखियों के साथ पीएम का संवाद सुनकर काफी अच्छा लगा।
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ज्ञानपुर ब्लॉक के सरई मिश्रानी गांव निवासी आरती मां वैष्णो स्वयं सहायता समूह से जुड़कर काम कर रही हैं। आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में काम करते हुए आरती देवी ने सितंबर के महीने में बीसी सखी यानी बैंक मित्र के रूप में काम करना शुरू किया। पेमेंट बैंक के माध्यम से लोगों का खाता खोलने और धनराशि के लेन-देन का काम शुरू किया था। तीन माह में 25 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। साथ ही 83 लोगों का खाता भी खोलवाया गया। उनका कहना है कि यह मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसी तरह औराई ब्लॉक के लाला नगर निवासी सुषमा देवी ने भी तीन माह में 30 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन खाते से किया है। वह माला आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। कहती हैं कि बीसी सखी के रूप में काम करके न केवल सम्मान मिला है, बल्कि आर्थिक रूप से भी स्वावलंबी बनी हैं लोगों का खाता खोलने और लेनदेन से आय भी हो रहा है। प्रधानमंत्री के साथ संवाद करने वाली चुनिंदा बीसी सखियों में शामिल होने और रूबरू होने पर काफी खुश हैं। कहती हैं कि इससे महिला सशक्तीकरण को बल मिलेगा। मैं पहले से ज्यादा उत्साह के साथ काम करूंगी। उन्होंने बताया कि मुझे कुछ बात करने का अवसर तो नहीं मिला, लेकिन अन्य सखियों के साथ पीएम का संवाद सुनकर काफी अच्छा लगा।
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