फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही बरतने वाले कोटेदारों पर पूर्ति विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शिविर से कोटेदार के नदारद रहने पर ज्ञानपुर के कंसापुर स्थित उसकी कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया। 12 कोटेदारों की पांच-पांच सौ जमानत राशि जब्त कर ली गई।
जिले में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा रही है। शासन स्तर से इसकी लगातार माॅनीटरिंग की जा रही है। करीब चार महीने बाद भी दो लाख 46 हजार किसानों में से अब तक एक लाख आठ हजार किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो सकी है। जिले की प्रगति खराब होने पर 546 गांव में शिविर लगाकर किसानों की रजिस्ट्री तैयार की जा रही है। इसमें सभी विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। गत दिनों डीएम विशाल सिंह ने कंसापुर समेत तीन गांव में शिविर का निरीक्षण किया। इसमें किसी भी स्थान पर कोटेदार नहीं मिले। डीएम की नाराजगी के बाद जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने पूर्ति निरीक्षक एवं क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी से जांच कराई। जांच में कोटेदार की लापरवाही मिलने पर कंसापुर स्थित उसकी कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया। पूर्ति निरीक्षक भदोही की जांच रिपोर्ट के मुताबिक पंचायत भवन में आयोजित शिविर में 12 कोटेदार अनुपस्थित थे। कोटेदारों की पांच-पांच सौ रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई। डीएसओ सुनील कुमार ने बताया कि उचित दर विक्रेता की दुकान बलभद्रपुर, हरिपट्टी, कैड़ा, सियरहां, जमुनीपुर अठगवां, हरियांव, लठियां, पुरुषोत्तमपुर समेत कुल 12 कोटेदारों की पांच-पांच सौ रुपये की जमानत राशि जब्त की गई है। कोटेदारों को चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह में सुधार न होने पर उनकी दुकान निरस्त कर दी जाएगी।