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नसबंदी शिविर में लापरवाही से महिला की मौत
Bhadohi
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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भदोही। चौरी रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को लगे शिविर में नसबंदी कराने आई महिला की मौत हो गई। मौत का कारण चिकित्सकों की लापरवाही बताया जा रहा है। महिला की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे वाराणसी ले जाने की सलाह दी थी। वाराणसी ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत की पुष्टि होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया और भारी संख्या में लोग स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए। इसकी जानकारी होने पर पुलिस भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गई थी।
जानकारी हो कि चौरी क्षेत्र के जगन्नाथपुर निवासी राजू चौहान की पत्नी सीता देवी (26) के तीन लड़के और एक लड़की थी। इसे देखते हुए दंपती ने नसबंदी कराने का निर्णय लिया था। शुक्रवार को राजू ने अपनी पत्नी को नसबंदी शिविर में भर्ती करा और उसकी देखरेख के लिए अपनी भाभी सुदामा को लगा दिया था। बकौल सुदामा शाम 4 बजे सीता को एक इंजेक्शन लगाया गया तो उसकी हालत बिगड़ने लगी। डाक्टरों ने भी हालत देखी तो उसे आक्सीजन लगा कर वाराणसी रेफर कर दिया।
हालत खराब देख कर सीता के घर वालों ने आनन फानन में प्राइवेट एंबुलेंस में उसे लेकर वाराणसी चल दिए। इस बीच अभी वे रास्ते में ही थे कि देखा कि सीता कुछ हरकत नहीं कर रही है और एकदम मरणासन्न लग रही है तो उन्होंने कपसेठी में किसी चिकित्सक को दिखाया तो उसकी मौत की पुष्टि हो गई। इसकी सूचना मिलते ही गांव में लोग आक्रोशित हो उठे और शव को लेकर सीधे स्वास्थ्य केंद्र आ गए। उनका कहना था कि चिकित्सकों की लापरवाही से ऐसा हुआ है उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। घटना की जानकारी पाकर एसडीएम राजकुमार और सीओ अशोक कुमार रावत दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए लोगों को किसी तरह समझा बुझा कर मामला शांत कराया। एसडीएम ने पीडि़त को हर तरह की प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
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जानकारी हो कि चौरी क्षेत्र के जगन्नाथपुर निवासी राजू चौहान की पत्नी सीता देवी (26) के तीन लड़के और एक लड़की थी। इसे देखते हुए दंपती ने नसबंदी कराने का निर्णय लिया था। शुक्रवार को राजू ने अपनी पत्नी को नसबंदी शिविर में भर्ती करा और उसकी देखरेख के लिए अपनी भाभी सुदामा को लगा दिया था। बकौल सुदामा शाम 4 बजे सीता को एक इंजेक्शन लगाया गया तो उसकी हालत बिगड़ने लगी। डाक्टरों ने भी हालत देखी तो उसे आक्सीजन लगा कर वाराणसी रेफर कर दिया।
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हालत खराब देख कर सीता के घर वालों ने आनन फानन में प्राइवेट एंबुलेंस में उसे लेकर वाराणसी चल दिए। इस बीच अभी वे रास्ते में ही थे कि देखा कि सीता कुछ हरकत नहीं कर रही है और एकदम मरणासन्न लग रही है तो उन्होंने कपसेठी में किसी चिकित्सक को दिखाया तो उसकी मौत की पुष्टि हो गई। इसकी सूचना मिलते ही गांव में लोग आक्रोशित हो उठे और शव को लेकर सीधे स्वास्थ्य केंद्र आ गए। उनका कहना था कि चिकित्सकों की लापरवाही से ऐसा हुआ है उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। घटना की जानकारी पाकर एसडीएम राजकुमार और सीओ अशोक कुमार रावत दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए लोगों को किसी तरह समझा बुझा कर मामला शांत कराया। एसडीएम ने पीडि़त को हर तरह की प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
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