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आयुष्मान भारत योजना में हुआ पहला घुटना प्रत्यारोपण
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भदोही। गत वष सितंबर माह में प्रारंभ हुई आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना से गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। इस योजना में गरीबों की जटिल से जटिल मर्ज का उपचार बगैर उनकी नींद और चैन गंवाए संभव हो गया है। भदोही नगर के निजी हास्पिटल में गत दिनों 50 वर्षीय अधेड़ उमरा देवी के दाहिने घुटने के प्रत्यारोपण से उसके बेटों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। खास बात तो यह है कि मूल रूप से भदोही के हरियांव की उमरा देवी तीन दशक से मुंबई में बस गई हैं, लेकिन घुटना प्रत्यारोपण भदोही में कराया।
उमरा देवी के बेटे संजय नकुल प्रजापति ने बताया कि एक वर्ष से उसकी मां के पैरों में समस्या शुरू हुई। धीरे धीरे पैर बेंड होने लगा और स्थिति यह हो गई कि वह चलने फिरने लायक नहीं रह गई। मुंबई में होने के चलते तीन अस्पतालों में मां को दिखाया लेकिन लाभ नहीं हुआ। आखिर में भाइयों के सुझाव पर मां को भदोही लेकर चला आया जहां प्रतिमा हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के संचालक डॉ. पीएस दूबे ने आवश्यक जांच करने के बाद घुटना प्रत्यारोपण की सलाह दी, जिसका खर्च लगभग डेढ़ लाख रुपये तक होता है। चिकित्सक ने बताया कि चूंकि मरीज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में शुरू किए गए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना में पंजीकृत है, इसलिए उसका ऑपरेशन नि:शुल्क किया गया।
आपरेशन के बाद मरीज से बात हुई तो उसने भारी संतोष जताया। उसके बेटे ने कहा कि हमलोग प्रधानमंत्री के शुक्रगुजार हैं। यदि यह योजना न होती तो निश्चित रूप से अब मेरी मां चल-फिर न पाती। उधर डाक्टर ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत जनपद में यह पहला घुटना ट्रांसप्लांट हुआ है। उल्लेखनीय है कि डॉ. दूबे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मुंबई में हुए नी ट्रांसप्लांट करने वाले चिकित्सकों की टीम के सदस्य थे।
उमरा देवी के बेटे संजय नकुल प्रजापति ने बताया कि एक वर्ष से उसकी मां के पैरों में समस्या शुरू हुई। धीरे धीरे पैर बेंड होने लगा और स्थिति यह हो गई कि वह चलने फिरने लायक नहीं रह गई। मुंबई में होने के चलते तीन अस्पतालों में मां को दिखाया लेकिन लाभ नहीं हुआ। आखिर में भाइयों के सुझाव पर मां को भदोही लेकर चला आया जहां प्रतिमा हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के संचालक डॉ. पीएस दूबे ने आवश्यक जांच करने के बाद घुटना प्रत्यारोपण की सलाह दी, जिसका खर्च लगभग डेढ़ लाख रुपये तक होता है। चिकित्सक ने बताया कि चूंकि मरीज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में शुरू किए गए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना में पंजीकृत है, इसलिए उसका ऑपरेशन नि:शुल्क किया गया।
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आपरेशन के बाद मरीज से बात हुई तो उसने भारी संतोष जताया। उसके बेटे ने कहा कि हमलोग प्रधानमंत्री के शुक्रगुजार हैं। यदि यह योजना न होती तो निश्चित रूप से अब मेरी मां चल-फिर न पाती। उधर डाक्टर ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत जनपद में यह पहला घुटना ट्रांसप्लांट हुआ है। उल्लेखनीय है कि डॉ. दूबे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मुंबई में हुए नी ट्रांसप्लांट करने वाले चिकित्सकों की टीम के सदस्य थे।
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