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सज गई तंबुओ की नगरी, स्नान आज और कल
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जंगीगंज। काशी और प्रयाग के मध्य सेमराध में माहपर्यंत चलने वाले माघमास कल्पवास की तैयारियां करीब-करीब पूरी हो चुकी है। जिला प्रशासन और मेला समिति आयोजन को भव्य रूप देने में जुटा है। सुरक्षा के लिए जहां मेला क्षेत्र में पुलिस चौकी स्थापित की गई है वहीं चकरप्लेट आदि बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। सोमवार और मंगलवार को कल्पवासी संग अन्य श्रद्धालु मकर संक्राति का स्नान करेंगे।
कल्पवास मेले की तैयारी को लेकर करीब एक महीने से तैयारी चल रही है। डीएम राजेंद्र प्रसाद के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग, नगर पालिका गोपीगंज, स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। सुरक्षा की दृष्टी से मेला छेत्र में एक पुलिस चौकी स्थापित की गई है जिसमें 24 घंटे पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। गंगा घाट तक चकरप्लेट बिछाने के साथ ही घाट की बैरिकेडिंग भी की गइ है। वन बिभाग को मेला छेत्र में अलाव जलाने के लिए लकड़ी पहुचाने की जिम्मेदारी है जो अब तक नदारद हैं। धीरे-धीरे कल्पवासियों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। करीब 10 कल्पवासी मेला क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। बताते चलें कि प्रयाग, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक के बाद देश में पाचवें स्थान पर कल्पवास सेमराध में लगता है। सेमराध माघ मास कल्पवास बाबा सेमराध नाथ की प्रेरणा से ब्रह्मलीन स्वामी रामशंकर दास ने 14 जनवरी 1996 में शुरू किया था। यहां पर आसपास के जिलों के कल्पवासी आते हैं। नित्य गंगा स्नान कर बाबा सेमराध के दर्शन पूजन के साथ कल्पबृक्ष ,बंशीबट सहित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, सीताराम मंदिर, राधकृष्ण मंदिर अन्य मंदिरों में पूजा परिक्रमा करते हैं। स्वामी करुणा शंकर दास जी ने बताया की अब तक 200 से अधिक कल्पवासियों ने पंजीकरण करा लिए है।
प्रमुख स्नान पर्व
स्नान पर्व दिन
मकर संक्रांति 15 जनवरी
पौष पूर्णिमा 21 जनवरी।
मौनी अमावस्या 4 फरवरी
बसंत पंचमी 10 फरवरी
अचला सप्तमी 12 फरवरी
माघी पूर्णिमा 19 फरवरी
कल्पवास मेले की तैयारी को लेकर करीब एक महीने से तैयारी चल रही है। डीएम राजेंद्र प्रसाद के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग, नगर पालिका गोपीगंज, स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। सुरक्षा की दृष्टी से मेला छेत्र में एक पुलिस चौकी स्थापित की गई है जिसमें 24 घंटे पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। गंगा घाट तक चकरप्लेट बिछाने के साथ ही घाट की बैरिकेडिंग भी की गइ है। वन बिभाग को मेला छेत्र में अलाव जलाने के लिए लकड़ी पहुचाने की जिम्मेदारी है जो अब तक नदारद हैं। धीरे-धीरे कल्पवासियों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। करीब 10 कल्पवासी मेला क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। बताते चलें कि प्रयाग, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक के बाद देश में पाचवें स्थान पर कल्पवास सेमराध में लगता है। सेमराध माघ मास कल्पवास बाबा सेमराध नाथ की प्रेरणा से ब्रह्मलीन स्वामी रामशंकर दास ने 14 जनवरी 1996 में शुरू किया था। यहां पर आसपास के जिलों के कल्पवासी आते हैं। नित्य गंगा स्नान कर बाबा सेमराध के दर्शन पूजन के साथ कल्पबृक्ष ,बंशीबट सहित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, सीताराम मंदिर, राधकृष्ण मंदिर अन्य मंदिरों में पूजा परिक्रमा करते हैं। स्वामी करुणा शंकर दास जी ने बताया की अब तक 200 से अधिक कल्पवासियों ने पंजीकरण करा लिए है।
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प्रमुख स्नान पर्व
स्नान पर्व दिन
मकर संक्रांति 15 जनवरी
पौष पूर्णिमा 21 जनवरी।
मौनी अमावस्या 4 फरवरी
बसंत पंचमी 10 फरवरी
अचला सप्तमी 12 फरवरी
माघी पूर्णिमा 19 फरवरी