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कामायनी-सारनाथ एक्सप्रेस का रुट बदला
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गोपीगंज। पूरे एक माह तक बतौर ट्रायल मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेल खंड पर चल रहीं कामायनी और सारनाथ एक्सप्रेस का रूट बदल दिया गया है। अब वह उत्तर रेलवे के भदोही-वाराणसी रूट से चलेंगी। मुख्य परिचालन मंडल गोरखपुर ने संचालन की जानकारी संबंधित कंट्रोल को उपलब्ध भी करा दिया गया है। वहीं तेज गति से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को आगामी 30 अप्रैल तक मंडुआडीह रूट से ही चलाया जाएगा।
बताते चलें मार्च माह के शुरुआती दौर में ही दोनों ट्रेनों का संचालन वाराणसी जंक्शन पर तकनीकी निर्माण कार्यों के कारण उत्तर रेलवे के बजाए मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रूट से कराया जा रहा था। एक से 15 अप्रैल ट्रायल की अवधि बढ़ाई गई थी। इस बीच दोनों रेल खंडों से जुड़े यात्रियों, समाजसेवियों में ट्रेनों को नियमित करने को लेकर रेल मंत्रालय तक लिखापढ़ी शुरू कर दी गई थी। जहां ट्रायल की अवधि समाप्त होते ही उत्तर रेलवे से आईं दोनों ट्रेनों को पुन: वापस कर दिया गया। जबकि वंदे भारत 30 अप्रैल तक ट्रायल रूट पर ही चलाने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि तकरीबन डेढ़ माह तक ट्रेनों का संचालन रूट बदलकर किया गया। इससे यात्रियों को परेशानी भी हुई। जानकारी के अभाव में कई लोगों की ट्रेन छूटी तो तमाम यात्री स्टेशनों से वापस लौटे।
बताते चलें मार्च माह के शुरुआती दौर में ही दोनों ट्रेनों का संचालन वाराणसी जंक्शन पर तकनीकी निर्माण कार्यों के कारण उत्तर रेलवे के बजाए मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रूट से कराया जा रहा था। एक से 15 अप्रैल ट्रायल की अवधि बढ़ाई गई थी। इस बीच दोनों रेल खंडों से जुड़े यात्रियों, समाजसेवियों में ट्रेनों को नियमित करने को लेकर रेल मंत्रालय तक लिखापढ़ी शुरू कर दी गई थी। जहां ट्रायल की अवधि समाप्त होते ही उत्तर रेलवे से आईं दोनों ट्रेनों को पुन: वापस कर दिया गया। जबकि वंदे भारत 30 अप्रैल तक ट्रायल रूट पर ही चलाने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि तकरीबन डेढ़ माह तक ट्रेनों का संचालन रूट बदलकर किया गया। इससे यात्रियों को परेशानी भी हुई। जानकारी के अभाव में कई लोगों की ट्रेन छूटी तो तमाम यात्री स्टेशनों से वापस लौटे।
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