फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   अग्निकांड:नगर पालिका की व्यवस्था रही लचर,एनएचएआई को सराहा

अग्निकांड:नगर पालिका की व्यवस्था रही लचर,एनएचएआई को सराहा

Wed, 13 Mar 2019 11:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2019 11:47 PM IST
विज्ञापन
अग्निकांड:नगर पालिका की व्यवस्था रही लचर,एनएचएआई को सराहा

विज्ञापन
लालानगर। गोपीगंज नगर के सदर मोहाल में मंगलवार को फर्नीचर व्यवसायी के यहां लगी आग और नुकसान ने लोगों को जहां सकते में डाल दिया है, वहीं पानी की कमी को नगर पालिका परिषद की लचर तैयारियों की आलोचना शुरू हो गई है। अलबत्ता आग से बचाव के कार्य में एनएचएआई के संसाधनों के काम आने के चलते लोग सराहना कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि ऐसे ही पानी की कमी बनी रही तो गर्मी में अगलगी की घटनाओं को रोक पाना कठिन हो जाएगा।
गर्मी की तपिश में जल का खास महत्व होता है। कहने की जरूरत नहीं कि अगलगी की घटनाओं के समय इसका महत्व बहुत व्यापक हो जाता है। लेकिन, लालच और लापरवाही के दंश झेल रहे तालाब अतिक्रमण के चलते समय से पहले सिकुड़कर सूख जा रहे हैं। नगर समेत ग्रामीण इलाकों में लाखों खर्च कर बने जलाशय भी अभी से सूख गए हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या ऐसी स्थिति में अगलगी से बचाव करने में दमकलकर्मी सफल हो पाएंगे। कुछ ऐसा ही नजारा मंगलवार को उस समय देखने को मिला, जब सदर मोहाल में फर्नीचर व्यापारी के घर में भीषण आग लगने के बाद पहुंचे दो दमकल वाहनों का पानी समाप्त हो गया और आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद मिर्जापुर और प्रयागराज से दमकल की गाड़ियां बुलवाई गईं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे सिक्सलेन निर्माण कार्य के कारण राजमार्ग पर जाम भी लगा। दौरान पालिकाकर्मी अपना दायित्व भूल चुके थे कि ऐसे जटिल समय से निबटने के लिए जल निगम के पाइप लाइन में लगा सॉकेट काम आ सकता है। सॉकेट का कभी इस्तेमाल न होने से वह जाम हो चुके हैं। लिहाजा कर्मचारी सॉकेट को तलाशने के लिए खोदाई ही करते रह गए, तब तक आग ने काम तमाम कर दिया। पालिका की व्यवस्था से निराश हो चुके प्रशासन और नगरवासियों को एनएचएआई के टैंकरों ने सहारा दिया।
विज्ञापन


नहीं उठे कदम तो सड़क पर उतरेंगे
समाजसेवी धर्मेंद्र द्विवेदी, बाबा बिंद, सुशील बिंद, धर्मराज दुबे, प्रकाश सिंह आदि का कहना है कि समय रहते और गर्मी की वीभत्सता को समझकर नगर प्रशासन ने जाम पड़े पाइप लाइनों के सॉकेट को दुरुस्त कराने के साथ ही जलाशयों को नहीं भरवाया तो सड़क पर उतरना मजबूरी होगी। वहीं ग्रामीण अंचलों में नहर एवं राजकीय नलकूपों से तालाबों, पोखरों को भरवाने की मांग प्रशासन से की गई। बताया कि गर्मी के दिनों में शार्ट सर्किट और अन्य कारणों से कच्चे-पक्के रिहायशी घरों, खेत-खलिहानों, खड़ी फसलों में आग लगना स्वाभाविक हो जाता है। ऐसे में पानी की उपलब्धता बनाए रखने पर ही आग पर काबू पाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed