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एक माह से ठप पड़ा आरक्षण कार्य
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ज्ञानपुर। स्थानीय मुख्य डाकघर की आरक्षण खिड़की बंद रहने से यात्रियों को बैरंग लौटना पड़ा। इसके लिए विभाग कर्मचारियों की कमी बता रहा है।
बताते चलें कि रेलवे प्रशासन ने डाक विभाग के संयुक्त प्रयास से डाकघरों में यात्रियों को रिजर्वेशन टिकट की सुविधा देकर स्टेशनों पर लगने वाली लंबी लाइनों तथा डाक विभाग के राजस्व बढ़ोत्तरी का जिम्मा सौंपा था, लेकिन डाक विभाग रेलवे प्रशासन की कसौटी पर खरा उतरने की अपेक्षा योजना को ठंडे बस्ते में डालने का हरसंभव प्रयास कर रहा है। जबकि ज्ञानपुर नगर स्थित मुख्य डाकघर में अलग से इस कार्य के लिए खिड़की भी निर्धारित की गई है। उस पर जब भी नजर पड़ती है तब वह बंद मिलने से दूरदराज क्षेत्रों से आरक्षण कराने पहुंच रहे लोगों को उल्टे पांव लौटना पड़ता है। मंशा भी रही है कि शादी-वि वाह, पर्व-त्योहारों के मद्देनजर आरक्षण केंद्रों से लोगों को राहत मिलेगी। न चाहकर भी लोग पुन:रेलवे के आरक्षण काउंटरों पर पहुंच टिकट के लिए इंतजार में रहते हैं। उप डाकपाल रमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि काउंटर का लिंक चालू है, लेकिन कर्मचारियों की कमी से आरक्षण कार्य कर पाना एक माह से संभव नहीं हो पा रहा है। विभागीय स्तर पर होने वाले कार्यों को लेकर हमेशा से बोझ बना हुआ है। जब भी विभागीय कार्य से फुरसत मिलती है, तब काउंटर चालू कर टिकट का काम किया जाता है अन्यथा नहीं। कई बार उच्चाधिकारियों तक पत्र व्यवहार के जरिए मामले से अवगत भी कराया गया, लेकिन कर्मचारियों की भरपाई नहीं की जा रही है। आरक्षण कार्य के लिए नियमित कर्मचारी की जब तक तैनाती नहीं होगी, तब तक यात्रियों की कसौटी पर विभाग खरा भी नहीं उतर सकेगा।
बताते चलें कि रेलवे प्रशासन ने डाक विभाग के संयुक्त प्रयास से डाकघरों में यात्रियों को रिजर्वेशन टिकट की सुविधा देकर स्टेशनों पर लगने वाली लंबी लाइनों तथा डाक विभाग के राजस्व बढ़ोत्तरी का जिम्मा सौंपा था, लेकिन डाक विभाग रेलवे प्रशासन की कसौटी पर खरा उतरने की अपेक्षा योजना को ठंडे बस्ते में डालने का हरसंभव प्रयास कर रहा है। जबकि ज्ञानपुर नगर स्थित मुख्य डाकघर में अलग से इस कार्य के लिए खिड़की भी निर्धारित की गई है। उस पर जब भी नजर पड़ती है तब वह बंद मिलने से दूरदराज क्षेत्रों से आरक्षण कराने पहुंच रहे लोगों को उल्टे पांव लौटना पड़ता है। मंशा भी रही है कि शादी-वि वाह, पर्व-त्योहारों के मद्देनजर आरक्षण केंद्रों से लोगों को राहत मिलेगी। न चाहकर भी लोग पुन:रेलवे के आरक्षण काउंटरों पर पहुंच टिकट के लिए इंतजार में रहते हैं। उप डाकपाल रमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि काउंटर का लिंक चालू है, लेकिन कर्मचारियों की कमी से आरक्षण कार्य कर पाना एक माह से संभव नहीं हो पा रहा है। विभागीय स्तर पर होने वाले कार्यों को लेकर हमेशा से बोझ बना हुआ है। जब भी विभागीय कार्य से फुरसत मिलती है, तब काउंटर चालू कर टिकट का काम किया जाता है अन्यथा नहीं। कई बार उच्चाधिकारियों तक पत्र व्यवहार के जरिए मामले से अवगत भी कराया गया, लेकिन कर्मचारियों की भरपाई नहीं की जा रही है। आरक्षण कार्य के लिए नियमित कर्मचारी की जब तक तैनाती नहीं होगी, तब तक यात्रियों की कसौटी पर विभाग खरा भी नहीं उतर सकेगा।