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संक्रामक रोग के खिलाफ चलेगा पखवारा
Updated Fri, 28 Sep 2018 01:10 AM IST
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ज्ञानपुर। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संक्रामक रोग नियंत्रण पखवारा को सफल बनाने के लिए निर्देशित किया गया। डीएम ने एक से 15 अक्टूबर तक चलने वाले कार्यक्रम में सभी की सहभागिता तय की। डीएम ने कहा कि गांवों में होने वाले आयोजन के नोडल अधिकारी बीडीओ जबकि नगरों के अधिशासी अधिकारी होंगे। दोनों कार्यों की प्रगति एवं निरंतर समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को सभी ब्लॉकों में बीडीओ, खंड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ, स्वास्थ्य अधिकारी और एसडीएम बैठक करें। डीएम ने चिकित्सा विभाग, नगर विकास, समाज कल्याण, ग्राम विकास, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन शक्तिकरण विभाग, कृषि और सिंचाई विभाग के अधिकारी 28 सितंबर को शाम तक अपनी कार्ययोजना मलेरिया अधिकारी रामआसरे पाल को उपलब्ध कराएं। पंचायत विभाग को निर्देश दिया कि एक अक्टूबर को ग्राम प्रधान प्रभातफेरी निकालकर लोगों को जागरूक करेंगे। जलाशयों एवं नालियों की सफाई, अपशिष्ट रूके हुए पानी, मच्छरों की प्रजनन की समस्याओं की रोकने के लिए नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराएंगे। मौके पर एडीएम राम सिंह वर्मा, सीएमओ डॉ. सतीश सिंह आदि रहे। इसी तरह पीसीपीएनडीटी अधिनियम जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें डीएम ने सराह अल्ट्रासाउंड सेंटर चौरी रोड को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया। ईशल डायग्नोस्टिक सेंटर घोसिया, जीवन रक्षा डायग्नोस्टिक सेंटर गोपीगंज, एसएन पांडेय नर्सिग होम गोपीगंज, एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर चकपड़ौना की ओर से नोटिस जा जवाब न देने पर नाराजगी जताई। दो दिन के अंदर जवाब न देने पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि गर्भास्थ शिशु लड़की होने पर गर्भ समापन कराना एक सामाजिक अपराध है, जो कि बिगाड़ रहे सामाजिक संतुलन का प्रमुख कारण है। बेटा-बेटी का सम्मान करे, बेटी के वेदना को समझें, लड़की को पराया धन न समझें, अच्छी शिक्षा दिलाएं, लिंग अनुपात घटने के कारण अपराध बढ़ेगा।
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