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बारिश शुरू, कागजों में बाढ़ नियंत्रण के इंतजाम
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:44 AM IST
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मानसूनी बारिश की शुरुआत हो गई है, लेकिन जिले में बाढ़ नियंत्रण को लेकर कारगर कदम अब तक नहीं उठाए गए हैं। बाढ़ से हर साल कटान की भेंट सैकड़ों बीघे उपजाऊ जमीन चढ़ जाती है। प्रशासन इससे निपटने को लेकर भले ही तमाम दावे करता हो, मगर बाढ़ की विभीषिका के आगे सब फेल हो जाता है। एक बार फिर प्रशासन ने कागजों में बाढ़ से निपटने के इंतजाम ओके कर लिया है।
बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की इस बार की तैयारियों पर नजर डाली जाए तो 24 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इसमें औराई विकास खंड के डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर, डीघ विकास खंड के धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिंजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर, सुरियावां विकास खंड के करियांव, अबरना, सांडा, रामनगर, भदोही विकास खंड के सर्रोई, मूसीलाटपुर, तुलसीचक, मई हरदोपट्टी, ज्ञानपुर विकास खंड के रमईपुर, कसियापुर, मतेथू, श्रीकांतपुर, भगवानपुर आदि शामिल हैं। इनमें अधिसंख्य गांव गंगा तट पर हैं तो कुछ गांव गंगा की सहायक नदियों के किनारे स्थित हैं। जिले के 193 गांवों को बाढ़ और जल भराव से प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है, जिससे करीब दो लाख की आबादी प्रभावित होती है। बाढ़ में आम लोगों को बचाने के लिए पांच गोताखोर, 101 देशी नाव और 164 बड़ी नाव उपलब्ध हैं। प्रशासन की ओर से 76 ड्रेन बनाए गए हैं। इनमें औराई ब्लॉक में 13, भदोही में 20, सुरियावां में 15, ज्ञानपुर में नौ और डीघ ब्लॉक में 19 हैं। कटान निरोधक बंधी 15 बनी हैं। ये बंधियां छेछुआ, इटहरा, डीघ, बनकट, सीतामढ़ी, बिहरोजपुर, बारीपुर, फुलवरिया, तिलंगा, नगरदह, रामपुर नगरदह द्वितीय में हैं। स्वास्थ्य, पूर्ति और कृषि विभाग संग अन्य विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाढ़ में मवेशियों के संरक्षण के लिए पशुपालन विभाग ने एक करोड़ से अधिक का प्रस्ताव बनाया है। इसमें उनके खाने-पीने से लेकर दवाएं भी शामिल हैं।
इनसेट
बाढ़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। स्वास्थ्य, पूर्ति, बेसिक शिक्षा, नहर, जल निगम समेत अन्य संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनाज, मिट्टी का तेल की अतिरिक्त व्यवस्था हो चुकी है। बाढ़ के दौरान चिकित्सकों की संभावित ड्यूटी भी तय हो चुकी है।
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राम सिंह वर्मा, एडीएम भदोही
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बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की इस बार की तैयारियों पर नजर डाली जाए तो 24 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इसमें औराई विकास खंड के डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर, डीघ विकास खंड के धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिंजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर, सुरियावां विकास खंड के करियांव, अबरना, सांडा, रामनगर, भदोही विकास खंड के सर्रोई, मूसीलाटपुर, तुलसीचक, मई हरदोपट्टी, ज्ञानपुर विकास खंड के रमईपुर, कसियापुर, मतेथू, श्रीकांतपुर, भगवानपुर आदि शामिल हैं। इनमें अधिसंख्य गांव गंगा तट पर हैं तो कुछ गांव गंगा की सहायक नदियों के किनारे स्थित हैं। जिले के 193 गांवों को बाढ़ और जल भराव से प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है, जिससे करीब दो लाख की आबादी प्रभावित होती है। बाढ़ में आम लोगों को बचाने के लिए पांच गोताखोर, 101 देशी नाव और 164 बड़ी नाव उपलब्ध हैं। प्रशासन की ओर से 76 ड्रेन बनाए गए हैं। इनमें औराई ब्लॉक में 13, भदोही में 20, सुरियावां में 15, ज्ञानपुर में नौ और डीघ ब्लॉक में 19 हैं। कटान निरोधक बंधी 15 बनी हैं। ये बंधियां छेछुआ, इटहरा, डीघ, बनकट, सीतामढ़ी, बिहरोजपुर, बारीपुर, फुलवरिया, तिलंगा, नगरदह, रामपुर नगरदह द्वितीय में हैं। स्वास्थ्य, पूर्ति और कृषि विभाग संग अन्य विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाढ़ में मवेशियों के संरक्षण के लिए पशुपालन विभाग ने एक करोड़ से अधिक का प्रस्ताव बनाया है। इसमें उनके खाने-पीने से लेकर दवाएं भी शामिल हैं।
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बाढ़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। स्वास्थ्य, पूर्ति, बेसिक शिक्षा, नहर, जल निगम समेत अन्य संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनाज, मिट्टी का तेल की अतिरिक्त व्यवस्था हो चुकी है। बाढ़ के दौरान चिकित्सकों की संभावित ड्यूटी भी तय हो चुकी है।
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राम सिंह वर्मा, एडीएम भदोही
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