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Bhadohi News: सीमा की निगहबानी में डटे जिले के 800 रणबांकुरे
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ज्ञानपुर। देश की सीमाओं की निगहबानी में जिले के 800 रणबांकुरे तैनात हैं। सब सेना के अलग-अलग विंग में हैं लेकिन उनका मकसद मातृभूमि की सुरक्षा ही है। वेटरन डे की पूर्व संध्या पर जिलाधिकारी ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया।
मखमली कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध भदोही के निवासियों ने देश की रक्षा के लिए भी काम किए हैं। चौरी इलाके के ओंकारनाथ दूबे में वाराणसी में रहते हैं। उन्होंने 1962 के युद्ध में चीनी सेना से मुठभेड़ ली थी। 16 गोलियां लगने के बाद बच गए। रमाशंकर दीक्षित नौ दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान नौसेना के युद्धपोत आईएनएस खुखरी पर तैनात थे। लड़ाई के दौरान उन्हें वीरगति प्राप्त हुई। रविशंकर त्रिपाठी 19 अक्तूबर 2014 को 76 मैदानी तोपखाना में तैनात थे। उग्रवाद विरोधी अभियान के दौरान वह शहीद हो गए।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल विनोद गुप्ता ने बताया कि 800 से अधिक सेना के जवान जल, थल और वायु सेना में अपनी सेवा दे रहे हैं जबकि 500 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर सैनिक कल्याण अधिकारी कार्यालय पर देश के पहले फील्ड मार्शल केएम करियप्पा की याद में वेटेरन दिवस मनाया गया। डीएम गौरांग राठी ने शहीद सी मैन रमाशंकर दीक्षित की पत्नी ऊषा देवी और रविशंकर की पत्नी सुषमा देवी समेत अन्य परिजनों को सम्मानित किया।
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मखमली कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध भदोही के निवासियों ने देश की रक्षा के लिए भी काम किए हैं। चौरी इलाके के ओंकारनाथ दूबे में वाराणसी में रहते हैं। उन्होंने 1962 के युद्ध में चीनी सेना से मुठभेड़ ली थी। 16 गोलियां लगने के बाद बच गए। रमाशंकर दीक्षित नौ दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान नौसेना के युद्धपोत आईएनएस खुखरी पर तैनात थे। लड़ाई के दौरान उन्हें वीरगति प्राप्त हुई। रविशंकर त्रिपाठी 19 अक्तूबर 2014 को 76 मैदानी तोपखाना में तैनात थे। उग्रवाद विरोधी अभियान के दौरान वह शहीद हो गए।
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जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल विनोद गुप्ता ने बताया कि 800 से अधिक सेना के जवान जल, थल और वायु सेना में अपनी सेवा दे रहे हैं जबकि 500 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर सैनिक कल्याण अधिकारी कार्यालय पर देश के पहले फील्ड मार्शल केएम करियप्पा की याद में वेटेरन दिवस मनाया गया। डीएम गौरांग राठी ने शहीद सी मैन रमाशंकर दीक्षित की पत्नी ऊषा देवी और रविशंकर की पत्नी सुषमा देवी समेत अन्य परिजनों को सम्मानित किया।
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