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अमृत सरोवर के रूप में विकसित होंगे 75 तालाब
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ज्ञानपुर। जल संरक्षण और आम जन की सहूलियत के लिए 75 तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाएगा। एक सरोवर के विकास पर करीब 50 लाख का खर्च आएगा। अमृत सरोवर के पास सामुदायिक भवन, शौचालय और साफ पानी की व्यवस्था होगी। यही नहीं, मोटरबोट की भी सुविधा दी जाएगी।
जल संरक्षण की पहल वैसे तो सालों से शुरू है, लेकिन एक से डेढ़ दशक से काम में तेजी आई है। राजस्व विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में दो हजार से अधिक छोटे और बड़े तालाब हैं। इनमें 800 से अधिक तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया। कई तालाब अतिक्रमण के शिकार होकर अस्तित्व भी खो चुके हैं। अब शासन ने एक एकड़ क्षेत्रफल में फैले तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। जिले में ऐसे 75 तालाबों को चिह्नित किया गया है। सबसे पहले तालाब की खुदाई होगी और उसके चारों तरफ चबूतरा बनाया जाएगा। एक ऐसा हॉल बनाया जाएगा, जहां गांव के लोग शादी भी कर सकते हैं। एक सरोवर के निर्माण पर करीब 50 लाख खर्च आएगा। इसमें हाल, सामुदायिक शौचालय, खुदाई संग अन्य व्यवस्थाएं शामिल रहेंगी। इस पर मनरेगा, वित्त आयोग व अन्य मद की रकम शामिल होगी।
तीन साल में 249 तालाबों पर खर्च हुए 17 करोड़
ज्ञानपुर। जल संरक्षण की मुहिम को धार देने के लिए तीन साल में 249 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया। इस पर मनरेगा संग अन्य मदों से 17 करोड़ खर्च किए गए। पूर्व में बने तालाबों में कई की हालत दयनीय हो चुकी है। ग्राम पंचायत से लेकर विभागीय अधिकारी उनकी सुधि नहीं ले रहे हैं।
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जिला समन्वयक मनरेगा राजाराम ने बताया कि जिले में 75 अमृत सरोवर बनेंगे। एक एकड़ से ज्यादा जमीन वाले तालाब को अमृत सरोवर तालाब बनाया जाएगा। तालाब की खुदाई कराकर चारों तरफ आकर्षक चबूतरा बनेगा। सामुदायिक शौचालय से लेकर सामुदायिक भवन बनेगा। जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा।
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जल संरक्षण की पहल वैसे तो सालों से शुरू है, लेकिन एक से डेढ़ दशक से काम में तेजी आई है। राजस्व विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में दो हजार से अधिक छोटे और बड़े तालाब हैं। इनमें 800 से अधिक तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया। कई तालाब अतिक्रमण के शिकार होकर अस्तित्व भी खो चुके हैं। अब शासन ने एक एकड़ क्षेत्रफल में फैले तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। जिले में ऐसे 75 तालाबों को चिह्नित किया गया है। सबसे पहले तालाब की खुदाई होगी और उसके चारों तरफ चबूतरा बनाया जाएगा। एक ऐसा हॉल बनाया जाएगा, जहां गांव के लोग शादी भी कर सकते हैं। एक सरोवर के निर्माण पर करीब 50 लाख खर्च आएगा। इसमें हाल, सामुदायिक शौचालय, खुदाई संग अन्य व्यवस्थाएं शामिल रहेंगी। इस पर मनरेगा, वित्त आयोग व अन्य मद की रकम शामिल होगी।
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तीन साल में 249 तालाबों पर खर्च हुए 17 करोड़
ज्ञानपुर। जल संरक्षण की मुहिम को धार देने के लिए तीन साल में 249 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया। इस पर मनरेगा संग अन्य मदों से 17 करोड़ खर्च किए गए। पूर्व में बने तालाबों में कई की हालत दयनीय हो चुकी है। ग्राम पंचायत से लेकर विभागीय अधिकारी उनकी सुधि नहीं ले रहे हैं।
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जिला समन्वयक मनरेगा राजाराम ने बताया कि जिले में 75 अमृत सरोवर बनेंगे। एक एकड़ से ज्यादा जमीन वाले तालाब को अमृत सरोवर तालाब बनाया जाएगा। तालाब की खुदाई कराकर चारों तरफ आकर्षक चबूतरा बनेगा। सामुदायिक शौचालय से लेकर सामुदायिक भवन बनेगा। जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा।