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Bhadohi News: 65 स्कूलों का आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण नहीं, मान्यता पर संकट
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लेकर जिले के कुछ नामी कॉन्वेंट स्कूल गंभीर नहीं हैं। 555 में से 65 कॉन्वेंट स्कूलों ने आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है। इन स्कूलों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया है। इसके बाद मैपिंग न कराने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों से भी इसे लेकर जवाब मांगा गया।
निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था है। इसके तहत गरीब परिवार के बच्चे भी नजदीक के निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत, निजी स्कूलों तथा केंद्रीय विद्यालयों में तथा प्री स्कूल की शिक्षा से प्रारंभ होने वाले प्राइवेट स्कूलों की प्रवेशित कक्षा में न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों को निशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य है। इसके लिए स्कूलों को आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है।
जिले में संचालित 555 स्कूलों में सिर्फ 490 स्कूलों ने ही पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। कई बार पत्र जारी करने के बाद भी 65 विद्यालयों ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया। शैक्षिक सत्र 2024-25 में इस कारण इन विद्यालयों में वंचित समूह के बच्चों को प्रवेश नहीं दिलाया जा सका। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि कई बार पत्राचार के बाद भी 65 विद्यालयों ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया। इसके लिए उन्हें अंतिम नोटिस भेजा गया है। 31 अगस्त तक अगर वह पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराएंगे तो उनकी मान्यता समाप्त करने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था है। इसके तहत गरीब परिवार के बच्चे भी नजदीक के निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत, निजी स्कूलों तथा केंद्रीय विद्यालयों में तथा प्री स्कूल की शिक्षा से प्रारंभ होने वाले प्राइवेट स्कूलों की प्रवेशित कक्षा में न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों को निशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य है। इसके लिए स्कूलों को आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है।
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जिले में संचालित 555 स्कूलों में सिर्फ 490 स्कूलों ने ही पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। कई बार पत्र जारी करने के बाद भी 65 विद्यालयों ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया। शैक्षिक सत्र 2024-25 में इस कारण इन विद्यालयों में वंचित समूह के बच्चों को प्रवेश नहीं दिलाया जा सका। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि कई बार पत्राचार के बाद भी 65 विद्यालयों ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया। इसके लिए उन्हें अंतिम नोटिस भेजा गया है। 31 अगस्त तक अगर वह पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराएंगे तो उनकी मान्यता समाप्त करने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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