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किसानों ने छुट्टा पशुओं को स्कूल में बांधा
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ज्ञानपुर। जिले में छुट्टा मवेशियों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। आए दिन खेत में खड़ी फसल को पल भर में मवेशी नष्ट कर दे रहे हैं। इससे महीनों की मेहनत पर पानी फिर जा रहा है। रविवार को भिदिउरा गांव में किसानों ने दर्जन भर से अधिक छुट्टा पशुओं को बांध दिया। प्रधान ने आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
गोवंश की तस्करी पर लगाम लगने से दूध न देने वाली गाय और साड़ो की जिले में भरमार हो गई है। गंगा, वरूणा के सीमावर्ती गावों से लेकर भीड़ भाड़ वाले इलाकों में भी छुट्टा पशुओं की संख्या बढ़ गई है। अभोली के परऊपुर, औराई के चकबीरा में गत दिनों अभी मवेशियों को बांधने का मामला थमा नहीं था कि रविवार को भिदिउरा गांव में किसानों ने छुट्टा मवेशियों को सरकारी स्कूल में बांध दिया। मवेशी स्कूल परिसर को जहां गंदा कर रहे हैं वहीं आने वाले दिनों में पढ़ाई भी प्रभावित होगी। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रधान संजय पाठक ने आला अधिकारियों को अवगत कराया। एडीएम राम सिंह वर्मा ने कहा कि संबंधित सेक्रेटरी और बीडीओ को निर्देश दिया गया है कि छुट्टा पशुओं को आसपास के अस्थाई गौशला में पहुंचाया जाए। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से जिले के विभिन्न स्थानों पर अस्थाई गौशाला खोलने के दावे खोखले ही साबित हो रहे है। गिने-चुने स्थानों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी गौशाला नहीं बन सकी है, जिससे समस्या और भी विकट हो चुकी है।
गोवंश की तस्करी पर लगाम लगने से दूध न देने वाली गाय और साड़ो की जिले में भरमार हो गई है। गंगा, वरूणा के सीमावर्ती गावों से लेकर भीड़ भाड़ वाले इलाकों में भी छुट्टा पशुओं की संख्या बढ़ गई है। अभोली के परऊपुर, औराई के चकबीरा में गत दिनों अभी मवेशियों को बांधने का मामला थमा नहीं था कि रविवार को भिदिउरा गांव में किसानों ने छुट्टा मवेशियों को सरकारी स्कूल में बांध दिया। मवेशी स्कूल परिसर को जहां गंदा कर रहे हैं वहीं आने वाले दिनों में पढ़ाई भी प्रभावित होगी। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रधान संजय पाठक ने आला अधिकारियों को अवगत कराया। एडीएम राम सिंह वर्मा ने कहा कि संबंधित सेक्रेटरी और बीडीओ को निर्देश दिया गया है कि छुट्टा पशुओं को आसपास के अस्थाई गौशला में पहुंचाया जाए। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से जिले के विभिन्न स्थानों पर अस्थाई गौशाला खोलने के दावे खोखले ही साबित हो रहे है। गिने-चुने स्थानों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी गौशाला नहीं बन सकी है, जिससे समस्या और भी विकट हो चुकी है।
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