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परिवार बचाने को संयम और धैर्य जरूरी
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:08 AM IST
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जंगीगंज। बाजार से सटे धनीपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सुनने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कथावाचक डॉ. रामानंद महराज ने कहा कि किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे हैं, वहां आपका, अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान न हो। यदि ऐसा होने की आशंका हो तो उस स्थान पर जाना नहीं चाहिए। सती चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान शिव की बात को नहीं मानने पर सती के पिता के घर जाने से अपमानित होना पड़ा। इसके कारण उन्होंने स्वयं को अग्नि में समाहित कर लिया। बताया कि परिवार को बचाने के लिए धैर्य और संयम की नितांत आवश्यकता रहती है। ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि भक्ति के लिए कोई उम्र बाधा नहीं है। इस मौके पर अनिल कुमार मिश्र, अवनीश मिश्र, गुड्डू, अरुण मिश्र, नान्हक, अखिलेश कुमार, रत्नेश कुमार, कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे।