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बच्चों ने लगाई दौड़
Updated Tue, 04 Dec 2018 12:33 AM IST
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लालानगर। औराई विकास खंड के ककराही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को विश्व दिव्यांग दिवस पर खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान कई दिव्यांग बच्चों ने छड़ी दौड़ प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने दीप जलाकर एवं सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया और अंत में विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दौड़ प्रतियोगिता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। दृष्टिबाधित राजू, रागिनी और दीना ने मां सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। वहीं दिव्यांग आशुतोष दुबे ने जो दुख कर्म में लिखा विधाता मिटाने वाला कोई नहीं, वक्त पड़े पर गज भर कपड़ा देने वाला कोई नहीं, जैसा भजन सुनाया तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। मुख्य अतिथि डीएम राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि दिव्यांगता कोई भार नहीं है, सिर्फ प्रतिभा को निखारने की जरूरत है। दिव्यांग के अंदर जो हुनर होता है, वह एक सामान्य के पास नहीं हो सकता। जिलाधिकारी ने प्रथम तीन प्रतिभागी विजेताओं को शील्ड और सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन बीएल पाल ने किया। इस मौके पर बीएसए अमित कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी केडी पांडेय, शिक्षक अशोक गुप्ता, रश्मि मिश्रा, जेपी सिंह, सत्येंद्र द्विवेदी, दिलीप सिंह, सतीश पाठक आदि रहे।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दौड़ प्रतियोगिता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। दृष्टिबाधित राजू, रागिनी और दीना ने मां सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। वहीं दिव्यांग आशुतोष दुबे ने जो दुख कर्म में लिखा विधाता मिटाने वाला कोई नहीं, वक्त पड़े पर गज भर कपड़ा देने वाला कोई नहीं, जैसा भजन सुनाया तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। मुख्य अतिथि डीएम राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि दिव्यांगता कोई भार नहीं है, सिर्फ प्रतिभा को निखारने की जरूरत है। दिव्यांग के अंदर जो हुनर होता है, वह एक सामान्य के पास नहीं हो सकता। जिलाधिकारी ने प्रथम तीन प्रतिभागी विजेताओं को शील्ड और सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन बीएल पाल ने किया। इस मौके पर बीएसए अमित कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी केडी पांडेय, शिक्षक अशोक गुप्ता, रश्मि मिश्रा, जेपी सिंह, सत्येंद्र द्विवेदी, दिलीप सिंह, सतीश पाठक आदि रहे।
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