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5 प्रतिशत जीएसटी भी खत्म हो: पूर्व विधायक
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:28 AM IST
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भदोही। पूर्व विधायक जाहिद बेग ने कहा कि केंद्र सरकार ने कालीन उद्योग पर जीएसटी थोप कर पेचीदगियां थोपी है। उसका मकसद राजस्व बढ़ाना नहीं है बल्कि कामकाज पूरी तरह ठप कर देना है। जाबवर्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी को 5 प्रतिशत किए जाने के बाद पूर्व विधायक ने होटल शिराज में प्रेस वार्ता कर कहा कि मामला 30 लाख मजदूरो का है इसलिए इस पर जीएसटी बिल्कुल खत्म होना चाहिए।
उन्होने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि जीएसटी बड़े उद्यमियों के लिए ठीक है लेकिन गरीब मजदूरों, मझोले दूकानदारों, व्यवसाईयों, उत्पादकों के मुंह से निवाला छीनने वाला है। लोग कालीन उद्योग में कैसे कैसे दो वक्त की रोटी जुटा पा रहे हैं यह सरकार से देखा नहीं जा रहा है। इस हस्तकला को बचाए रखने के लिए आवश्यक है कि जाब वर्करों को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त करें। कहा नोटबंदी का पहले से ही असर है। बेरोजगारी बढी है। सरकार नौकरी नहीं दे पा रही है। ऐसे में कालीन उद्योग में जाबवर्क को जीएसटी शून्य किया जाना चाहिए।
सरकार को यह समझना होगा कि कालीन उद्योग में 70 प्रतिशत लेबर व 30 प्रतिशत कच्चा माल लगता है। तब कही जाकर कलात्मक कालीन तैयार होता है। मजदूर श्रम के बदले विदेशी डालर ले आते है। कहा यदि इसे हटाया नहीं गया को संघर्ष जारी रहेगा। वार्ता में अलीशेर खां, राजकुमार यादव, मनोज यादव आदि रहे।
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उन्होने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि जीएसटी बड़े उद्यमियों के लिए ठीक है लेकिन गरीब मजदूरों, मझोले दूकानदारों, व्यवसाईयों, उत्पादकों के मुंह से निवाला छीनने वाला है। लोग कालीन उद्योग में कैसे कैसे दो वक्त की रोटी जुटा पा रहे हैं यह सरकार से देखा नहीं जा रहा है। इस हस्तकला को बचाए रखने के लिए आवश्यक है कि जाब वर्करों को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त करें। कहा नोटबंदी का पहले से ही असर है। बेरोजगारी बढी है। सरकार नौकरी नहीं दे पा रही है। ऐसे में कालीन उद्योग में जाबवर्क को जीएसटी शून्य किया जाना चाहिए।
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सरकार को यह समझना होगा कि कालीन उद्योग में 70 प्रतिशत लेबर व 30 प्रतिशत कच्चा माल लगता है। तब कही जाकर कलात्मक कालीन तैयार होता है। मजदूर श्रम के बदले विदेशी डालर ले आते है। कहा यदि इसे हटाया नहीं गया को संघर्ष जारी रहेगा। वार्ता में अलीशेर खां, राजकुमार यादव, मनोज यादव आदि रहे।
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