{"_id":"66d748568ac7385a98006494","slug":"600-metric-tons-of-urea-reached-the-district-bhadohi-news-c-190-1-bal1002-122146-2024-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: जिले में पहुंची 2600 मीट्रिक टन यूरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: जिले में पहुंची 2600 मीट्रिक टन यूरिया
विज्ञापन
बलिया। जिले में यूरिया की किल्लत नहीं होगी। मंगलवार को यूरिया का रैक जिले में पहुंचने के बाद उसे समितियों पर भेजने की कवायद शुरू हो गई। रैक से 2600 मीट्रिक टन यूरिया के खेप आने के बाद उसे समितियों पर भेजने की तैयारी तेज में विभाग जुटा है। समितियों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजना भी बनाई गई है। इन दिनों धान की फसल में यूरिया का छिड़काव किया जा रहा है। जिले में 1,15229 हेक्टेयर में धान की खेती किसानों ने किया हैं। जिला कृषि अधिकारी पवन प्रजापति ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर बफर स्टाॅक में रखे यूरिया को आवश्यकतानुसार केंद्रों को भेजा जा रहा था। अब नई रैक आ गई है, किसानोंं को पर्याप्त खाद मिल सकेगी। जरूरत के हिसाब से जनपद में 2600 मीट्रिक टन यूरिया की रैक आई है। इसे बिक्री केंद्रों में भेजा जा रहा है। इस समय जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है।
समितियों पर अब रोस्टर के हिसाब से बैठेंगे सचिव
साधन सहकारी समितियों पर अब रोस्टर के हिसाब से सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। जिससे किसानों को किसी तरह की खाद की दिक्कत न हो। जिले में 160 साधन सहकारी समितियां है। इसके सापेेक्ष विभाग के पास 80 सचिव हैं। ऐसे में शासन के निर्देश पर सचिवों को रोस्टर के हिसाब से तैनाती की गई है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता ब्रजेश पाठक ने बताया कि सप्ताह में रोस्टर के हिसाब से सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे किसानों को कोई समस्या नहीं होगी।
विज्ञापन
समितियों पर अब रोस्टर के हिसाब से बैठेंगे सचिव
साधन सहकारी समितियों पर अब रोस्टर के हिसाब से सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। जिससे किसानों को किसी तरह की खाद की दिक्कत न हो। जिले में 160 साधन सहकारी समितियां है। इसके सापेेक्ष विभाग के पास 80 सचिव हैं। ऐसे में शासन के निर्देश पर सचिवों को रोस्टर के हिसाब से तैनाती की गई है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता ब्रजेश पाठक ने बताया कि सप्ताह में रोस्टर के हिसाब से सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे किसानों को कोई समस्या नहीं होगी।
विज्ञापन