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6.91 करोड़ की पेयजल परियोजनाएं अधर में
bhadohi hindi news
Updated Sat, 25 Mar 2017 01:17 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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धन के अभाव में 6.91 करोड़ की तीन पेजयल परियोजनाओं का निर्माण लटक गया है। सांसद आदर्श गांव दत्तीपुर और कौलापुर में महज 20 फीसदी ही बजट मिल सका है, जबकि ख्योंखर गांव में काम पूर्ण होने के लिए एक करोड़ की दरकार है। विभाग का कहना है कि बजट मिलने पर निर्माण पूरा कराया जाएगा।
दो साल पूर्व ख्योंखर गांव में तीन करोड़ 65 लाख जबकि केंद्र सरकार की ओर से सांसद आदर्श गांव कौलापुर में दो करोड़ सात लाख, दत्तीपुर में एक करोड़ 26 लाख की लागत से पेयजल परियोजनाओं का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण के दौरान ख्योंखर में दो करोड़ 46 लाख, कौलापुर में 74 लाख और दत्तीपुर में 22 लाख रुपये जारी हुए। बजट मिलने के बाद शुरुआत में काम तेज हुआ, लेकिन बाद में निर्माण कार्य अधर में लटक गया। तीनों परियोजनाओं का कामकाज कई माह से रुका हुआ है। बजट न आने के बाद जल निगम की ओर से कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया, लेकिन बात नहीं बनी। इससे करीब सात करोड़ की तीनों परियोजनाओं को समय से पूरा होना मुश्किल दिख रहा है।
अधिशासी अभियंता जल निगम राम अवध मौर्य ने कहा कि दत्तीपुर और कौलापुर में सिर्फ एक ही किस्त जारी की गई है। इससे परियोजना के निर्माण में तेजी नहीं आ पा रही है। ख्योंखर का काम करीब 70 फीसदी तक पूर्ण हो चुका है। बजट मिलने पर तीनों का काम पूरा करा लिया जाएगा।
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दो साल पूर्व ख्योंखर गांव में तीन करोड़ 65 लाख जबकि केंद्र सरकार की ओर से सांसद आदर्श गांव कौलापुर में दो करोड़ सात लाख, दत्तीपुर में एक करोड़ 26 लाख की लागत से पेयजल परियोजनाओं का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण के दौरान ख्योंखर में दो करोड़ 46 लाख, कौलापुर में 74 लाख और दत्तीपुर में 22 लाख रुपये जारी हुए। बजट मिलने के बाद शुरुआत में काम तेज हुआ, लेकिन बाद में निर्माण कार्य अधर में लटक गया। तीनों परियोजनाओं का कामकाज कई माह से रुका हुआ है। बजट न आने के बाद जल निगम की ओर से कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया, लेकिन बात नहीं बनी। इससे करीब सात करोड़ की तीनों परियोजनाओं को समय से पूरा होना मुश्किल दिख रहा है।
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अधिशासी अभियंता जल निगम राम अवध मौर्य ने कहा कि दत्तीपुर और कौलापुर में सिर्फ एक ही किस्त जारी की गई है। इससे परियोजना के निर्माण में तेजी नहीं आ पा रही है। ख्योंखर का काम करीब 70 फीसदी तक पूर्ण हो चुका है। बजट मिलने पर तीनों का काम पूरा करा लिया जाएगा।
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