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डेढ़ साल में ढह गई लाखों से बनी सीढ़ी
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:52 PM IST
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गोपीगंज। नगर के काली देवी मुहाल स्थित हनुमानगढ़ी तालाब के सुंदरीकरण के दौरान बनी सीढ़ी सालभर बाद ही ढह जाने से गुस्साए नागरिकों ने विरोध जताया। इस दौरान नागरिकों ने पालिका प्रशासन का पुतला दहन कर मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए जांच कराने की मांग की।
लगभग डेढ़ वर्ष पूपहले प्रसिद्ध बाबा बड़े शिव मंदिर परिसर स्थित हनुमानगढ़ी तालाब का सुंदरीकरण कराया गया था। लगभग 18 लाख रुपये की लागत से तालाब की खुदाई के साथ पक्की सीढ़ी का निर्माण कराया गया था, जिसका पिछले साल 22 अप्रैल को पालिकाध्यक्ष प्रह्र्लाद दास गुप्ता और ईओ अवधेश कुमार भारती ने लोकार्पण किया था। मंगलवार सुबह जब लोग नहाने गए तो सीढ़ी टूटी देख उनका गुस्सा भड़क गया। इसके बाद बड़ी संख्या में नागरिक मंदिर परिसर में ही विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान गुस्साए नागरिकों ने पालिका प्रशासन का पुतला दहन कर उन पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि निर्माण के दौरान मानक की अनदेखी की शिकायत पालिका ईओ से की गई थी। लेकिन, उन्होंने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते महज डेढ़ साल में ही लाखों की लागत से बनी पक्की सीढ़ियां ध्वस्त हो गईं। मंदिर परिसर में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए नागरिकों ने कहा कि अगर इसकी जल्द जांच नहीं कराई गई तो वह विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में शिव सेठ, चुल्ली गुरु, मनोज जायसवाल, महेंद्र यादव, रिंकू गुप्ता, विष्णु सेठ, किशन जयसवाल, सोनू साहू, सनी जायसवाल, संजय साहू, कन्हैया जायसवाल, दाऊ हरिजन, सूर्यबली सरोज आदि मौजूद रहे।
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