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राशन के लिए भटक रहे पांच हजार कार्डधारक
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:32 AM IST
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ज्ञानपुर। घपलेबाजी के आरोप में जिले में सरकारी राशन की 35 दुकानें निलंबित या निरस्त की जा चुकी हैं। इनसे जुड़े कार्डधारकों को जिन दुकानों से अटैच किया गया है, वहां से राशन नहीं मिल पा रहा। इसके चलते करीब पांच हजार कार्डधारकों के परिवारों के सामने खाद्यान्न का संकट उत्पन्न हो गया है। राशन न मिलने से परेशान ग्रामीण आपूर्ति विभाग से लेकर कलेक्ट्रेट तक चक्कर लगा रहे हैं। जिले के नगरीय एवं ग्रामीण इलाकों में 735 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें हैं। लगातार घटतौली, कालाबाजारी समेत तमाम तरह की गड़बड़ियां मिलने पर 20 दुकानें निरस्त और 15 दुकानें निलंबित की जा चुकी हैं। इनमें दिघवट, चकबीरा, दुलहीपुर, टेमा, महजूदा, नथईपुर, हरिरामपुर, सर्रोईं, मंगुरा, महथुआं, सहसेपुर, मुलापुर, एकौनी और परगासपुर समेत अन्य गांवों की दुकानें शामिल हैं। इन 35 दुकानों से 10 हजार से अधिक कार्डधारक जुडे हैं, जिन्हें आसपास की दुकानों से अटैच किया गया है। इनमें महिलाओं और कमजोर तबके के 50 फीसदी कार्डधारकों को अटैच कोटे से राशन नहीं पा रहा। आरोप है कि कोटेदार धमका कर भगा देते हैं। साथ ही दुकानों की दूरी भी बड़ी समस्या है। दो से तीन किमी दूरी पर कोटा होने की वजह से बहुत से कार्डधारक राशन लेने नहीं जा पाते। जो पहुंचते हैं वह कोटेदारों के कोपभाजन का शिकार हो जाते हैं। इससे परेशान गरीब आपूर्ति कार्यालय से लेकर डीएम दफ्तर तक चक्कर लगा रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी तीर्थराज यादव का कहना है कि कार्डधारकों की सहूलियत के लिए आस-पास के गांवों की दुकानों से अटैच किया गया है। जिन गांवों से राशन न मिलने की शिकायतें मिलती हैं, उनका निस्तारण करा दिया जाता है।
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