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छोटे नगर और गांव के बाजार में बंदी का कम दिखा असर
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:39 AM IST
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ज्ञानपुर। जिले के छोटे नगरीय और ग्रामीण इलाकों के बाजारों में भी जीएसटी के विरोध में पूर्व घोषित बंदी का मिला-जुला असर दिखा। कई बाजारों में दोपहर तक दूकानें बंद रहीं, लेकिन उसके बाद दूकानदारों ने अपनी दूकानें खोल लीं। दोपहर बाद ज्यादातर बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई और व्यावसायिक बंदी का नामोनिशान नहीं दिखा।
जीएसटी के विरोध में व्यापारिक संगठनों के बंदी के एलान के बाद शुक्रवार को जिले के बाजारों में तमाम दूकानों के शटर नहीं उठे। लेकिन, दूसरी ओर बड़ी संख्या में दूकानें खुली रहीं। व्यावसायिक लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले गोपीगंज नगर में जीएसटी के विरोध में बंदी का कोई असर नहीं दिखा। यहां ज्यादातर व्यापारियों का मानना था कि जीएसटी के दायरे में 20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायी आ रहे हैं। ऐसे में अपेक्षाकृत छोटी जगह पर इस दायरे से ऊपर वाले व्यापारियों की संख्या न के बराबर है। ऐसे में दूकानें क्यों बंद रखी जाए। इसी तरह औराई, महाराजगंज, जंगीगंज, खमरिया, घोसिया, माधोसिंह और बाबूसराय के अलावा सुरियावां, चौरी आदि इलाकों में भी बंदी का मिला-जुला असर देखने को मिला।
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जीएसटी के विरोध में व्यापारिक संगठनों के बंदी के एलान के बाद शुक्रवार को जिले के बाजारों में तमाम दूकानों के शटर नहीं उठे। लेकिन, दूसरी ओर बड़ी संख्या में दूकानें खुली रहीं। व्यावसायिक लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले गोपीगंज नगर में जीएसटी के विरोध में बंदी का कोई असर नहीं दिखा। यहां ज्यादातर व्यापारियों का मानना था कि जीएसटी के दायरे में 20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायी आ रहे हैं। ऐसे में अपेक्षाकृत छोटी जगह पर इस दायरे से ऊपर वाले व्यापारियों की संख्या न के बराबर है। ऐसे में दूकानें क्यों बंद रखी जाए। इसी तरह औराई, महाराजगंज, जंगीगंज, खमरिया, घोसिया, माधोसिंह और बाबूसराय के अलावा सुरियावां, चौरी आदि इलाकों में भी बंदी का मिला-जुला असर देखने को मिला।
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