महिला उत्पीड़न के 47 मामले आए, 12 का निस्तारण

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Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 20 Feb 2020 12:36 AM IST

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ज्ञानपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह के समक्ष बुधवार को महिला उत्पीड़न के 47 मामले आए। इनमें से 12 वादों का मौके पर निस्तारण किया गया। कई प्रकरणों की सुनवाई के दौरान वहां मौजूद अधिकारियों को आयोग की सदस्य के सामने झेंपना पड़ा।
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राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह ने ज्ञानपुर स्थित गेस्ट हाउस में महिला उत्पीड़न से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई की। जनसुनवाई में उनके समक्ष शिकायतों की झड़ी लग गई। महिला शिकायतों की सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। कहा पीड़ित महिला के आने पर उसकी समस्या को गंभीरता सुना जाए और हरसंभव मदद की जाए। उन्होंने कहा कि अधिकतर महिलाएं ससुराल वालों से पीड़ित हैं। उनके परिवार के सदस्यों को परिवार परामर्श केंद्र बुलाकर काउंसलिंग कराई जाए। अगर फिर भी समस्या नहीं सुलझती है तो मुकदमा दर्ज कराए जाए। श्रीमती सिंह ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए 1090 और 181 हेल्पलाइन संचालित हैं। इसके अलावा 112 नंबर पर डायल कर पुलिस की मदद ली जा सकती है। कहा कि महिलाओं के भरण-पोषण के लिए प्रोबेशन कार्यालय से योजनाएं चलाई जाती हैं। अधिकारियों को चाहिए कि वे इन योजनाओं का लाभ महिलाओं को दिलाएं। जनसुनवाई के दौरान सीओ औराई, महिला थानाध्यक्ष, प्रोबेशन अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी और हेल्पलाइन 181 की महिला सदस्य भी रहीं। इस मौके पर उपजिलाधिकारी भदोही, अपर उपजिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश एवं संबंधित अधिकारी मौजूदरहे।

कन्या सुमंगला योजना की दी जानकारी
राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत बच्ची के जन्म से लेकर स्नातक की शिक्षा तक 15 हजार रुपये देने की व्यवस्था की है। यह लाभ एक परिवार में दो लड़कियों तक मिलेगा। परिवार की आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। कहा कि योजना का लाभ गोद ली गई लड़की को भी मिलेगा।
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गैंगरेप के प्रकरण पर लगी फटकार
ज्ञानपुर। औराई थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी गैंगरेप पीड़िता की शिकायत पर बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह ने पुलिस और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। महिला ने शिकायत की कि गत वर्ष 28 अप्रैल को गैंगरेप का मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुला घूम रहे हैं और मुकदमे की पैरवी करने जाती हूं तो वे प्रताड़ित करते हैं और धमकी देते हैं। कुछ दिन पूर्व विपक्षियों ने मेरे ऊपर एसिड अटैक करने का प्रयास किया। उसकी शिकायत भी औराई थाने में दर्ज है। मगर गिरफ्तारी किसी की नहीं हुई। इस पर महिला आयोग की सदस्य ने पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई। कहा कि मामले का समुचित निस्तारण करें।

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