{"_id":"58f7c12e4f1c1b3874473692","slug":"43-people-scorched-scorched-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारा पहुंचा 43, झुलसे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारा पहुंचा 43, झुलसे लोग
भदोही
Updated Thu, 20 Apr 2017 01:27 AM IST
विज्ञापन
43 people scorched, scorched people
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा गर्म दिन रहा। जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री बढ़कर 27 पर पहुंच गया। पूरे दिन आसमान से मानो आग की बरसात होती रही। इससे जनजीवन उबल गया। 14 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चले लू के थपेड़ों ने शरीर झुलसा दिया। मौसम का तीखापन देखकर लोग सहम गए। सहसा ही लोग कह उठे कि जब अप्रैल में ही यह हाल है तो आने वाले मई-जून में तपिश का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बैशाख तपने लगा है। बुधवार को पारा तेजी से चढ़कर रिकार्ड 43 तक पहुंच गया। चिलचिलाती धूप मानो आसमान से आग की मानिंद बदन में चुभ रही थी। धूप के चलते जनजीवन पर गंभीर असर पड़ा। हवाएं भी चलीं, लेकिन आग की लपट की तरह शरीर को झुलसाती रहीं। धूप का तीखापन सुबह आठ बजे के बाद ही बर्दाश्त के बाहर हो गया। इसके चलते ज्यादातर लोग घर में ही दुबके रहे। जरूरी काम के सिलसिले में मजबूर होकर जो लोग बाहर निकले भी तो सिर से पांव तक कपड़े से शरीर को बांधकर। दोपहर में 12 से एक बजे के बीच गर्मी चरम पर पहुंच गई। गरमी से चलते पंखा और कूलर भी बेअसर साबित हो रहे थे। शाम पांच बजे तक गर्म हवाएं चलती रहीं। पांच बजे के बाद धीरे-धीरे लोग बाग घरों से बाहर निकलने लगे और नगर की सड़कों पर चहल-पहल बढ़ी। चिकित्सकों ने कहा कि गर्मी और धूप का असर तेज हो रहा है।
ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि तेज धूप में बाहर न ही निकलें तो बेहतर हैं। कहीं आना-जाना तो समुचित पानी पीकर निकलें। गर्मी बढ़ रही है, इसलिए ताजे, पौष्टिक और हल्के भोजन का प्रयोग करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैशाख तपने लगा है। बुधवार को पारा तेजी से चढ़कर रिकार्ड 43 तक पहुंच गया। चिलचिलाती धूप मानो आसमान से आग की मानिंद बदन में चुभ रही थी। धूप के चलते जनजीवन पर गंभीर असर पड़ा। हवाएं भी चलीं, लेकिन आग की लपट की तरह शरीर को झुलसाती रहीं। धूप का तीखापन सुबह आठ बजे के बाद ही बर्दाश्त के बाहर हो गया। इसके चलते ज्यादातर लोग घर में ही दुबके रहे। जरूरी काम के सिलसिले में मजबूर होकर जो लोग बाहर निकले भी तो सिर से पांव तक कपड़े से शरीर को बांधकर। दोपहर में 12 से एक बजे के बीच गर्मी चरम पर पहुंच गई। गरमी से चलते पंखा और कूलर भी बेअसर साबित हो रहे थे। शाम पांच बजे तक गर्म हवाएं चलती रहीं। पांच बजे के बाद धीरे-धीरे लोग बाग घरों से बाहर निकलने लगे और नगर की सड़कों पर चहल-पहल बढ़ी। चिकित्सकों ने कहा कि गर्मी और धूप का असर तेज हो रहा है।
विज्ञापन
ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि तेज धूप में बाहर न ही निकलें तो बेहतर हैं। कहीं आना-जाना तो समुचित पानी पीकर निकलें। गर्मी बढ़ रही है, इसलिए ताजे, पौष्टिक और हल्के भोजन का प्रयोग करना चाहिए।
विज्ञापन