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कथा का अनुशरण करने से होती है मोत्र की प्राप्ति
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जंगीगंज। क्षेत्र के सोनैचा गांव में आयोजित सप्ताहव्यापी श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञानयज्ञ का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। अंतिम दिन भक्तों को संदेश देते हुए कथावाचक पं. रुद्रेश मिश्र महाराज ने कहा कि कथा के अनुशरण मात्र से पापों का निवारण और मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। कथा स्थल पर भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी।
कथावाचक ने श्री कृष्ण की 16 हजार शादियों के प्रसंग के साथ, सुदामा और परीक्षित की कथाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि भागवत को जीवन में उतारने से कष्टों का निवारण हो जाता है। सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश कर समाज में समानता का संदेश दिया। साथ ही भक्तों को बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का सात दिनों तक अनुश्रवण करने मात्र से जीव का उद्धार भी हो जाता है। कथा कराने वाला भी पुण्य का भागी बनता है। कहा कि विज्ञान की चकाचौंध के बावजूद हमें अपने बच्चों में धार्मिक और सनातन संस्कारों का अलंकरण करना चाहिए ताकि वह संस्कारी बनने के साथ ही संस्कृति की धरोहर से परिचित हो सकें। आचार्य पं. लक्ष्मीशंकर तिवारी, सूबे महराज, शिवाकांत मिश्र, राहुल पंडित आदि ने संगीतमयी कथा से भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर रामहिंछ पांडेय, विनोद पांडेय, सभापति, धनीलाल, मानिक लाल आदि मौजूद रहे।
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कथावाचक ने श्री कृष्ण की 16 हजार शादियों के प्रसंग के साथ, सुदामा और परीक्षित की कथाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि भागवत को जीवन में उतारने से कष्टों का निवारण हो जाता है। सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश कर समाज में समानता का संदेश दिया। साथ ही भक्तों को बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का सात दिनों तक अनुश्रवण करने मात्र से जीव का उद्धार भी हो जाता है। कथा कराने वाला भी पुण्य का भागी बनता है। कहा कि विज्ञान की चकाचौंध के बावजूद हमें अपने बच्चों में धार्मिक और सनातन संस्कारों का अलंकरण करना चाहिए ताकि वह संस्कारी बनने के साथ ही संस्कृति की धरोहर से परिचित हो सकें। आचार्य पं. लक्ष्मीशंकर तिवारी, सूबे महराज, शिवाकांत मिश्र, राहुल पंडित आदि ने संगीतमयी कथा से भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर रामहिंछ पांडेय, विनोद पांडेय, सभापति, धनीलाल, मानिक लाल आदि मौजूद रहे।
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