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आवंटित भूमि पर मनबढ़ों का कब्जा, मुसहरों ने किया प्रदर्शन
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ज्ञानपुर। डीघ विकास खंड के बरईपुर गांव में आवंटित भूमि पर कब्जा करने के विरोध में सोमवार को वनवासियों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि ग्राम सभा की सरकारी भूमि को उन्हें आवंटित किया गया है। गांव के कुछ मनबढ़ किस्म के लोगों ने उनके आवास को तोड़कर कब्जा कर लिया। एसडीएम ने मामले में टीम गठित कर जांच करने का निर्देश दिया।
डीएम को दिए पत्र में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वनवासी समाज के लोगों को भूमिहीन होने के कारण आवास नहीं मिल पा रहा था। इसलिए उन्हें ग्राम सभा की भूमि आवंटित की गई थी। प्रदर्शनकारियों बरसात, नान्हक, महंगू, गुड्डू, करिया आदि का कहना है कि सोमवार को गांव के ही कुछ दबंगों ने उन्हें आवंटित सरकारी भूमि पर मड़हा रखकर कब्जा कर लिया। सरकार की ओर से आवंटित आवास के लिए उनके खाते में धनराशि भी पहुंच चुकी है। ऐसे में आवास निर्माण किया जाना आवश्यक है। लाभार्थियों ने जब आवास निर्माण कराना शुरू किया तो वहां पहले ही कुछ लोग मड़हा रखकर भूमि पर कब्जा कर किए थे। इससे आवासों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुुलिस मामले में सहयोग नहीं कर रही है। मनबढ़ों पर कार्रवाई के बजाए लीपापोती की जा रही है। वहीं दूसरी ओर मामला संज्ञान में आने पर उप जिलाधिकारी अमृता सिंह ने संबंधित लेखपाल और पुलिस की टीम गठित कर मामले की जांच करने के लिए निर्देशित किया।
डीएम को दिए पत्र में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वनवासी समाज के लोगों को भूमिहीन होने के कारण आवास नहीं मिल पा रहा था। इसलिए उन्हें ग्राम सभा की भूमि आवंटित की गई थी। प्रदर्शनकारियों बरसात, नान्हक, महंगू, गुड्डू, करिया आदि का कहना है कि सोमवार को गांव के ही कुछ दबंगों ने उन्हें आवंटित सरकारी भूमि पर मड़हा रखकर कब्जा कर लिया। सरकार की ओर से आवंटित आवास के लिए उनके खाते में धनराशि भी पहुंच चुकी है। ऐसे में आवास निर्माण किया जाना आवश्यक है। लाभार्थियों ने जब आवास निर्माण कराना शुरू किया तो वहां पहले ही कुछ लोग मड़हा रखकर भूमि पर कब्जा कर किए थे। इससे आवासों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुुलिस मामले में सहयोग नहीं कर रही है। मनबढ़ों पर कार्रवाई के बजाए लीपापोती की जा रही है। वहीं दूसरी ओर मामला संज्ञान में आने पर उप जिलाधिकारी अमृता सिंह ने संबंधित लेखपाल और पुलिस की टीम गठित कर मामले की जांच करने के लिए निर्देशित किया।
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