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स्कूल वैन हादसा: सातवें दिन जिंदगी की जंग हारा आयुष
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ज्ञानपुर। 12 जनवरी को लखनों के पास स्कूली वैन में आग लगने से झुलसा आयुष सातवें दिन शुक्रवार को जिंदगी की जंग हार गया। छह दिनों तक आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रहे आयुष की सांसें थम गई। मौत की खबर से परिवार जहां सदमें में है वहीं भगवास गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है। दो दिनों में तीन बच्चों की मौत से हर कोई गमगीन है।
12 जनवरी की सुबह एससी कान्वेट स्कूल के मारुति वैन में सिलिंडर से आग लगने से 19 बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसमें शिवरामपुर और भगवास गांव के 15 बच्चे शामिल थे। झुलसे बच्चों में सात को वाराणसी स्थित बीएचयू के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को दिशा की मौत के बाद उसकी चिता की आग अभी ठंडी नहीं हुई थी कि आयुष यादव (छह) पुत्र सुरेंद्र यादव निवासी भगवास भी जिंदगी की जंग हार गया। दो दिनों में दो बच्चों की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद से ही आधा गांव बच्चों की देखरेख में बीएचयू रूका हुआ है। गांव में गिने-चुने लोगों के अलावा सगे संबंधी ही है। मौत की खबर मिलते ही माता निशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। अब भी पांच बच्चे आईसीयू में उपचार करा रहे हैं जबकि अन्य जनरल वार्ड में भर्ती हैं। आयुष की बहन माही भी आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
12 जनवरी की सुबह एससी कान्वेट स्कूल के मारुति वैन में सिलिंडर से आग लगने से 19 बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसमें शिवरामपुर और भगवास गांव के 15 बच्चे शामिल थे। झुलसे बच्चों में सात को वाराणसी स्थित बीएचयू के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को दिशा की मौत के बाद उसकी चिता की आग अभी ठंडी नहीं हुई थी कि आयुष यादव (छह) पुत्र सुरेंद्र यादव निवासी भगवास भी जिंदगी की जंग हार गया। दो दिनों में दो बच्चों की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद से ही आधा गांव बच्चों की देखरेख में बीएचयू रूका हुआ है। गांव में गिने-चुने लोगों के अलावा सगे संबंधी ही है। मौत की खबर मिलते ही माता निशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। अब भी पांच बच्चे आईसीयू में उपचार करा रहे हैं जबकि अन्य जनरल वार्ड में भर्ती हैं। आयुष की बहन माही भी आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
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