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अनुशासन और शिक्षा का केंद्र है नवोदय
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:18 AM IST
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ज्ञानपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय ज्ञानपुर में रविवार को पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें पुराने छात्र-छात्राओं ने नवप्रवेेशी से अपना अनुभव साझा किया। कहा कि अनुशासन और शिक्षा का केंद्र नवोदय है। यहां से पढ़-लिखकर आगे जाने वाले होनहार सबसे अव्वल रहते हैं।
मुख्य अतिथि काशी नरेश राजकीय स्नातोत्तर महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर वनस्पति विज्ञान डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी और प्रधानाचार्य केबीएस यादव ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. सिद्दीकी ने कहा कि यहां से पढ़कर निकलने वाले छात्र-छात्राओं का अलग ही स्थान है। देश के कोने-कोने में नवोदय के होनहार अपना झंडा गाड़ रहे हैं। यहां के शिक्षक जन भी अभिभावक की तरह छात्र-छात्राओं का ध्यान रखते हैं। कार्यक्रम में शरीक हुए इलाहाबाद, मुरादाबाद, असम समेत देश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी कंपनियों संग सरकारी नौकरी मे सेवारत पुराने छात्र-छात्राओं ने नवोदय के अपने अनुुुभव को नए छात्र-छात्राओं से साझा किया। छात्रों ने कहा कि नवोदय विद्यालय के अनुशासन और शिक्षा को लेकर जो आगे बढ़ा सफलता उसकी कदमों को चूमा। कुछ छात्रों ने पढ़ाई के दौरान की गई गलतियों को भी साझा किया। कहा कि छठवीं से लेकर 12वीं तक अगर नवोदय में मन लगाकर पढ़ लिया तो भविष्य में अधिक मेहनत नहीं करना पड़ेगा। इंजीनियर, डॉक्टर और सिविल सेवा की नौकरी भी आसानी से प्राप्त हो जाएगी। इस दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर एनएच अंसारी, रमेश यादव समेत बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि काशी नरेश राजकीय स्नातोत्तर महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर वनस्पति विज्ञान डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी और प्रधानाचार्य केबीएस यादव ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. सिद्दीकी ने कहा कि यहां से पढ़कर निकलने वाले छात्र-छात्राओं का अलग ही स्थान है। देश के कोने-कोने में नवोदय के होनहार अपना झंडा गाड़ रहे हैं। यहां के शिक्षक जन भी अभिभावक की तरह छात्र-छात्राओं का ध्यान रखते हैं। कार्यक्रम में शरीक हुए इलाहाबाद, मुरादाबाद, असम समेत देश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी कंपनियों संग सरकारी नौकरी मे सेवारत पुराने छात्र-छात्राओं ने नवोदय के अपने अनुुुभव को नए छात्र-छात्राओं से साझा किया। छात्रों ने कहा कि नवोदय विद्यालय के अनुशासन और शिक्षा को लेकर जो आगे बढ़ा सफलता उसकी कदमों को चूमा। कुछ छात्रों ने पढ़ाई के दौरान की गई गलतियों को भी साझा किया। कहा कि छठवीं से लेकर 12वीं तक अगर नवोदय में मन लगाकर पढ़ लिया तो भविष्य में अधिक मेहनत नहीं करना पड़ेगा। इंजीनियर, डॉक्टर और सिविल सेवा की नौकरी भी आसानी से प्राप्त हो जाएगी। इस दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर एनएच अंसारी, रमेश यादव समेत बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।
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