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शवदाह केंद्र शोपीस बना
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:38 AM IST
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सीतामढ़ी। गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए सरकार ने प्रमुख श्मशान घाटों पर लाखों खर्च कर भले ही शवदाह गृह बनवा दिया है लेकिन लोग इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं। जिससे यह सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है। घाट के आसपास शवदाह करने से गंगा में हर रोज गंदगी जा रही है। माना जा रहा है कि गंगा को निर्मल बनाने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
धार्मिक स्थली सीतामढ़ी के गंगा घाट से लगभग तीन सौ मीटर की दूरी पर श्मशान घाट है। यहां पर कई जनपदों के शव अंतिम संस्कार के लिये लाये जाते है। श्मशान घाट काफी निर्जन स्थान पर होने के चलते लोगो को तमाम प्रकार की दिक्कतें होती थी। लोगो की समस्याओं को देखते हुए बारीपुर गांव निवासी कालिका इंटर कालेज के प्रबंधक राहुल दूबे के पिता स्व.लाल साहब दूबे ने घाट पर भागीरथी मोक्ष धाम की स्थापना कराई थी। वर्ष 2016 में सरकार ने गंगा को प्रदुषण मुक्त करने के उद्देश्य से भागीरथी मोक्ष धाम से सट कर लाखों रूपए की लागत से शवदाह स्थल केंद्र की स्थापना कराया। जहां दो रूम, कार्यालय, शौचालय के साथ हैंडपंप और सबमर्सिबल पंप सहित चहारदीवारी भी बनी। उक्त स्थान पर शवों के संस्कार के लिए ऊंचाई वाला टिन शेड बना है जिसमे एक साथ दो शवों का संस्कार किया जा सकता है। सीतामढ़ी में शवदाह गृह स्थल का निर्माण हुए एक वर्ष से अधिक हो गया है लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक एक भी लाश का अंतिम संस्कार शवदाह गृह में नही हो सका। ग्राम प्रधान मिश्रीलाल का कहना है कि श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क जर्जर हो गयी है। शवदाह गृह में बिजली नही है जिसके कारण शाम ढलते ही अंधेरा पसर जाता है। बिजली न होने से सब मर्सिबल पंप भी नही चलता। उन्होंने जिलाधिकारी से बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।
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धार्मिक स्थली सीतामढ़ी के गंगा घाट से लगभग तीन सौ मीटर की दूरी पर श्मशान घाट है। यहां पर कई जनपदों के शव अंतिम संस्कार के लिये लाये जाते है। श्मशान घाट काफी निर्जन स्थान पर होने के चलते लोगो को तमाम प्रकार की दिक्कतें होती थी। लोगो की समस्याओं को देखते हुए बारीपुर गांव निवासी कालिका इंटर कालेज के प्रबंधक राहुल दूबे के पिता स्व.लाल साहब दूबे ने घाट पर भागीरथी मोक्ष धाम की स्थापना कराई थी। वर्ष 2016 में सरकार ने गंगा को प्रदुषण मुक्त करने के उद्देश्य से भागीरथी मोक्ष धाम से सट कर लाखों रूपए की लागत से शवदाह स्थल केंद्र की स्थापना कराया। जहां दो रूम, कार्यालय, शौचालय के साथ हैंडपंप और सबमर्सिबल पंप सहित चहारदीवारी भी बनी। उक्त स्थान पर शवों के संस्कार के लिए ऊंचाई वाला टिन शेड बना है जिसमे एक साथ दो शवों का संस्कार किया जा सकता है। सीतामढ़ी में शवदाह गृह स्थल का निर्माण हुए एक वर्ष से अधिक हो गया है लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक एक भी लाश का अंतिम संस्कार शवदाह गृह में नही हो सका। ग्राम प्रधान मिश्रीलाल का कहना है कि श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क जर्जर हो गयी है। शवदाह गृह में बिजली नही है जिसके कारण शाम ढलते ही अंधेरा पसर जाता है। बिजली न होने से सब मर्सिबल पंप भी नही चलता। उन्होंने जिलाधिकारी से बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।
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