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Bhadohi News: कालीन नगरी में तीन महीने में एचआईवी के 25 नए केस
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ज्ञानपुर। जिले में बीते तीन महीनों में एचआईवी के 25 नये केस मिल चुके हैं। जागरूकता की कमी के कारण जिले में एचआईवी मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस समय जिले में 619 एचआईवी मरीजों का उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा है।
एचआईवी एक गंभीर बीमारी है। समय रहते इसका उपचार नहीं कराया गया तो यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज को नियमित दवाइयां लेनी होती है। जिले में एचआईवी मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जागरूकता में कमी के कारण अक्सर व्यक्ति एचआईवी संक्रमित हो जाता है। कई बार चिकित्सकों की लापरवाही के कारण भी ऐसा होता है। एक ही इंजेक्शन बार इस्तेमाल के कारण व्यक्ति एचआईवी ग्रसित हो जाता है। बीते तीन महीनों जिले में एचआईवी के 25 नये मरीज मिल चुके हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में एचआईवी के मरीजों की नि:शुल्क जांच कर दवाई दी जाती है। जिला चिकित्सालय के डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि एचआईवी पॉजिटीव मरीज के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। यदि समय से उपचार न शुरु किया गया तो मरीज अन्य कई बीमारियों की चपेट में आ सकता है। इसको लेकर थोड़ी भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
एचआईवी बीमारी का उपचार संभव है। जिला चिकित्सालय में जांच कर दवाई भी दी जाती है। साल भर में एक बार एचआईवी की जांच जरूर करवानी चाहिए। खासकर जागरूकता की कमी के कारण मरीज एचआईवी संक्रमित हो जाते हैं।
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- डॉ. आशुतोष सिंह, जिला चिकित्सालय
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एचआईवी एक गंभीर बीमारी है। समय रहते इसका उपचार नहीं कराया गया तो यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज को नियमित दवाइयां लेनी होती है। जिले में एचआईवी मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जागरूकता में कमी के कारण अक्सर व्यक्ति एचआईवी संक्रमित हो जाता है। कई बार चिकित्सकों की लापरवाही के कारण भी ऐसा होता है। एक ही इंजेक्शन बार इस्तेमाल के कारण व्यक्ति एचआईवी ग्रसित हो जाता है। बीते तीन महीनों जिले में एचआईवी के 25 नये मरीज मिल चुके हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में एचआईवी के मरीजों की नि:शुल्क जांच कर दवाई दी जाती है। जिला चिकित्सालय के डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि एचआईवी पॉजिटीव मरीज के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। यदि समय से उपचार न शुरु किया गया तो मरीज अन्य कई बीमारियों की चपेट में आ सकता है। इसको लेकर थोड़ी भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
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एचआईवी बीमारी का उपचार संभव है। जिला चिकित्सालय में जांच कर दवाई भी दी जाती है। साल भर में एक बार एचआईवी की जांच जरूर करवानी चाहिए। खासकर जागरूकता की कमी के कारण मरीज एचआईवी संक्रमित हो जाते हैं।
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- डॉ. आशुतोष सिंह, जिला चिकित्सालय