UP News: फर्जी मुठभेड़ मामले में 24 पुलिसकर्मी बरी, धनंजय सिंह के मारे जाने का किया गया था दावा
पूर्व सांसद धनंजय सिंह से जुड़े फर्जी मुठभेड़ मामले में शुक्रवार को भदोही की एक अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इनमें 24 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
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पूर्व सांसद धनंजय सिंह से जुड़े फर्जी मुठभेड़ मामले में शुक्रवार को एडीजे प्रथम की अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इनमें 24 पुलिसकर्मी शामिल हैं। मामले में कुल 29 पुलिसकर्मियों सहित 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें पांच की मौत हो चुकी है। शेष 26 को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
साल 1998 में भदोही जिले के ज्ञानपुर-मिर्जापुर मार्ग पर एक मुठभेड़ में पुलिस ने चार लोगों के मारे जाने का दावा किया था। मारे जाने वालों में धनंजय सिंह का भी नाम आया। लेकिन मामला तब उलझ गया, जब 1999 में धनंजय सिंह ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। पुलिस की खूब किरकिरी हुई।
मानवाधिकार आयोग ने भी लिया था संज्ञान
इसके बाद जिले में आंदोलन शुरू हो गया। मामला गंभीर होने के कारण मानवाधिकार आयोग ने इसका संज्ञान लिया। शासन के निर्देश पर सीबीसीआईडी जांच शुरू हुई। जांच में इस मामले में 29 पुलिसकर्मी सहित 31 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। शुक्रवार को एडीजे प्रथम शैलोज चंद्रा की अदालत ने सभी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। शासकीय अधिवक्ता विकास नारायण सिंह ने बताया कि संदेह का लाभ मिलने के कारण सभी आरोपी बरी हो गए हैंं।
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ऐसे हुआ फर्जी मुठभेड़ का पर्दाफाश