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गर्मी के साथ शुरू हो गई बिजली विभाग की मनमानी
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ज्ञानपुर। गर्मी शुरू होते ही बिजली का गुलगपाड़ा शुरू हो गया है। मंगलवार को जिला मुख्यालय पर नौ घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। जबकि गांवों में बिजली आपूर्ति का हाल और भी बुरा रहा। लगातार कटौती से इन्वर्टर जवाब दे गए और 40 से 42 डिग्री तापमान के बीच लोग उबल गए। दूसरी ओर विभाग इसे मेन लाइन से कटौती बताकर पल्ला झाड़ता रहा।
गर्मी के साथ शुरू हुई बिजली की मनमानी कटौती से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। जिला मुख्यालय पर 24 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल है, लेकिन मंगलवार को पूरे दिन बिजली बिजली का गुलगपाड़ा चला। सोमवार की देर रात 10.10 बजे गुल हुई बिजली रात में 11.50 बजे आई। इस दौरान गर्मी से परेशान तमाम लोगों ने छत पर टहल कर रात गुजारी। सुबह होने के बाद भी बिजली कटौती का सिलसिला चलता रहा। सुबह सात बजे बिजली कटी फिर 11 बजे दर्शन हुए। इसके बाद दोपहर में भी आना-जाना लगा रहा। इसके बाद दोपहर बाद करीब तीन बजे बिजली गुल हो गई। लेकिन, शाम छह बजे तक बिजली का कुछ पता नहीं था। गर्मी और उमस के बीच बिन बिजली लोग झेल गए। ज्ञानपुर के श्यामलाल यादव ने कहा कि जब चुनावी सीजन में बिजली आपूर्ति का यह हाल है तो बाद में क्या होगा।
वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बिजली के जर्जर तार और पोल विभाग की तैयारियों की पोल खोल रहे हैं। गर्मी के दस्तक देते ही बिजली आपूर्ति चरमराने लगी है। शासन की ओर से जिला मुख्यालय पर 24 घंटे, नगरीय क्षेत्र को 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल बनाया गया है, लेकिन शहरीय क्षेत्रों में भी अमूमन 18-20 घंटे की आपूर्ति हो पा रही है। इससे न तो लोगों को समय से पानी मिल पा रहा है और न ही इन्वर्टर चार्ज हो पा रहा है। इस संबंध में एक्सईएन अमर सिंह और ज्ञानपुर जेई माधो प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि मिर्जापुर से ब्रेकडाउन होने से आपूर्ति बाधित हो रही है। इसमें बिजली विभाग की कोई भूमिका नहीं है। हालांकि बिना पूर्व सूचना अघोषित कटौती क्यों हो रही, इसका विभाग के पास कोई जवाब नहीं है।
गर्मी के साथ शुरू हुई बिजली की मनमानी कटौती से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। जिला मुख्यालय पर 24 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल है, लेकिन मंगलवार को पूरे दिन बिजली बिजली का गुलगपाड़ा चला। सोमवार की देर रात 10.10 बजे गुल हुई बिजली रात में 11.50 बजे आई। इस दौरान गर्मी से परेशान तमाम लोगों ने छत पर टहल कर रात गुजारी। सुबह होने के बाद भी बिजली कटौती का सिलसिला चलता रहा। सुबह सात बजे बिजली कटी फिर 11 बजे दर्शन हुए। इसके बाद दोपहर में भी आना-जाना लगा रहा। इसके बाद दोपहर बाद करीब तीन बजे बिजली गुल हो गई। लेकिन, शाम छह बजे तक बिजली का कुछ पता नहीं था। गर्मी और उमस के बीच बिन बिजली लोग झेल गए। ज्ञानपुर के श्यामलाल यादव ने कहा कि जब चुनावी सीजन में बिजली आपूर्ति का यह हाल है तो बाद में क्या होगा।
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वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बिजली के जर्जर तार और पोल विभाग की तैयारियों की पोल खोल रहे हैं। गर्मी के दस्तक देते ही बिजली आपूर्ति चरमराने लगी है। शासन की ओर से जिला मुख्यालय पर 24 घंटे, नगरीय क्षेत्र को 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल बनाया गया है, लेकिन शहरीय क्षेत्रों में भी अमूमन 18-20 घंटे की आपूर्ति हो पा रही है। इससे न तो लोगों को समय से पानी मिल पा रहा है और न ही इन्वर्टर चार्ज हो पा रहा है। इस संबंध में एक्सईएन अमर सिंह और ज्ञानपुर जेई माधो प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि मिर्जापुर से ब्रेकडाउन होने से आपूर्ति बाधित हो रही है। इसमें बिजली विभाग की कोई भूमिका नहीं है। हालांकि बिना पूर्व सूचना अघोषित कटौती क्यों हो रही, इसका विभाग के पास कोई जवाब नहीं है।
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