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सपा खंड-खंड होने की कगार पर
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:44 AM IST
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ज्ञानपुर। विधानसभा चुनाव के पहले से ही आंतरिक कलह से जूझ रही समाजवादी पार्टी के सामने लोकसभा चुनाव से पूर्व उससे भी बड़ी चुनौतियां आने वाली हैं। पारिवारिक कलह का शिकार होकर सपा में हाशिए पर आए शिवपाल यादव के ‘सेक्युलर समाजवादी मोर्चा’ के साथ जिले के कई दिग्गज समाजवादी नेताओं का दिल लग गया है। अंदरखाने से छनकर आईं खबरों पर गौर करें तो प्रदेश के 30 जिलों में जिलाध्यक्षों की घोषणा कर चुकी शिवपाल की पार्टी भदोही जिले में भी जिलाध्यक्ष और महासचिव के नाम को लगभग फाइनल कर चुकी है। खास बात यह है कि यह दोनों नाम भी सपा के बड़े ओहदे की शोभा बढ़ाते रहे हैं। शिवपाल की नई पार्टी के साथ दिग्गज नेताओं की करीबी सपा के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है।
समाजवादी पार्टी की कमान अखिलेश यादव के हाथ में आने के बाद खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे कई बड़े सपा नेताओं को शिवपाल यादव की नवनिर्मित सेक्यूलर समाजवादी मोर्चा के रूप में संजीवनी मिल गई है। संगठन में हाशिए पर आ चुके ये नेता अब सपा से बदला लेने के मूड में नजर आ रहे हैं। सपा के गढ़ इटावा में हुई शिवपाल की रैली की भीड़ देख इन नेताओं का उत्साह और बढ़ गया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक प्रदेश में संगठन विस्तार में जुटी सेक्यूलर समाजवादी मोर्चा के भदोही जिलाध्यक्ष के लिए जिले के जुझारू और ईमानदार छवि वाले वरिष्ठ नेता अकील अख्तर सिद्दीकी का नाम सामने आ रहा है। वह सपा के जिला उपाध्यक्ष रहे हैं। जबकि सपा प्रदेश सचिव की भूमिका निभा चुके रामलाल यादव का नाम सेक्यूलर समाजवादी मोर्चा के जिला महासचिव के लिए लिया जा रहा है। अगर यह सब सच हुआ तो जिले में समाजवादी पार्टी को नुकसान हो सकता है। इन नेताओं की सपा के जनाधार में गहरी पैठ मानी जाती रही है। इसके अलावा भी अन्य कई बड़े सपा नेताओं का नाम शिवपाल की पार्टी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मसले पर शिवपाल के सेक्यूलर समाजवादी मोर्चा के मिर्जापुर मंडल अध्यक्ष जय सिंह का दौरा भदोही जिले में लगातार चल रहा है। मंगलवार को भी उन्होंने बैठक कर संगठन विस्तार के विकल्प खंगाले थे। सूत्रों की मानें तो शिवपाल की पार्टी को जिले में खड़ा करने को लेकर पूरी सियासी पटकथा जिले के एक दिग्गज पूर्व सपा नेता लिख रहे हैं। सपा में कभी बेहद अहम भूमिका निभा चुके उक्त नेताजी को लंबे समय से शिवपाल का करीबी माना जाता रहा है। दूसरी ओर सपा जिलाध्यक्ष मो. आरिफ सिद्दीकी ने उक्त दोनों नेताओं के बारे में कहा कि न तो वे दोनों लोग इस समय सपा के पदाधिकारी हैं, ना ही सक्रिय सदस्य हैं।
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समाजवादी पार्टी की कमान अखिलेश यादव के हाथ में आने के बाद खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे कई बड़े सपा नेताओं को शिवपाल यादव की नवनिर्मित सेक्यूलर समाजवादी मोर्चा के रूप में संजीवनी मिल गई है। संगठन में हाशिए पर आ चुके ये नेता अब सपा से बदला लेने के मूड में नजर आ रहे हैं। सपा के गढ़ इटावा में हुई शिवपाल की रैली की भीड़ देख इन नेताओं का उत्साह और बढ़ गया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक प्रदेश में संगठन विस्तार में जुटी सेक्यूलर समाजवादी मोर्चा के भदोही जिलाध्यक्ष के लिए जिले के जुझारू और ईमानदार छवि वाले वरिष्ठ नेता अकील अख्तर सिद्दीकी का नाम सामने आ रहा है। वह सपा के जिला उपाध्यक्ष रहे हैं। जबकि सपा प्रदेश सचिव की भूमिका निभा चुके रामलाल यादव का नाम सेक्यूलर समाजवादी मोर्चा के जिला महासचिव के लिए लिया जा रहा है। अगर यह सब सच हुआ तो जिले में समाजवादी पार्टी को नुकसान हो सकता है। इन नेताओं की सपा के जनाधार में गहरी पैठ मानी जाती रही है। इसके अलावा भी अन्य कई बड़े सपा नेताओं का नाम शिवपाल की पार्टी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मसले पर शिवपाल के सेक्यूलर समाजवादी मोर्चा के मिर्जापुर मंडल अध्यक्ष जय सिंह का दौरा भदोही जिले में लगातार चल रहा है। मंगलवार को भी उन्होंने बैठक कर संगठन विस्तार के विकल्प खंगाले थे। सूत्रों की मानें तो शिवपाल की पार्टी को जिले में खड़ा करने को लेकर पूरी सियासी पटकथा जिले के एक दिग्गज पूर्व सपा नेता लिख रहे हैं। सपा में कभी बेहद अहम भूमिका निभा चुके उक्त नेताजी को लंबे समय से शिवपाल का करीबी माना जाता रहा है। दूसरी ओर सपा जिलाध्यक्ष मो. आरिफ सिद्दीकी ने उक्त दोनों नेताओं के बारे में कहा कि न तो वे दोनों लोग इस समय सपा के पदाधिकारी हैं, ना ही सक्रिय सदस्य हैं।
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