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रेलवे स्टेशनों पर नाकाफी साबित हो रहे फायर उपकरण

Fri, 15 Mar 2019 01:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2019 01:19 AM IST
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रेलवे स्टेशनों पर नाकाफी साबित हो रहे फायर उपकरण
ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेल खंड को भले ही विद्युतीकरण और दोहरीकरण की सौगात दे दी गई हो, लेकिन बढ़ती अग्निकांड की घटनाओं को रोकने के लिए तत्परता न दिखाया जाना सवाल खड़ा करने लगा है। आज भी अंग्रेजों के जमाने से लगे उपकरण आग बुझाने की जिम्मेदारी संभालने में अक्षम नजर आ रहे हैं।
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रेलखंड को लगभग 10 वर्ष पूर्व छोटी लाइन से बड़ी लाइन में परिवर्ति त करते हुए ऑटोमैटिक सिग्नल के तहत ट्रेनों का संचालन कराया जाने लगा। इधर बीच करोड़ों की लागत से दोहरीकरण और विद्युतीकरण योजना का कार्य पूरा होते ही इलेक्ट्रिक इंजनों का भी संचालन शुरू हो गया। पहले ही से तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों के अलावा मुंबई, नईदिल्ली, कानपुर, गोरखपुर, सिकंदराबाद, पटना, बिहार, दरभंगा जैसे दूरदराज क्षेत्रों को जोड़ने वाली एक दर्जन से अधिक मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता आ रहा है, लेकिन आग के मुंहाने पर दौड़ रहीं ट्रेनों अथवा संचालित हो रहे स्टेशनों पर नए फायर किट का अभाव आज भी बना हुआ है। खंड के किसी भी स्टेशन के एक छोर पर लाल रंग से रंगी गईं छह बाल्टियों में से तीन में पानी और तीन में बालू भरकर वजनदार ताले से जड़े संयंत्र कभी भी देखे जा सकते हैं। अहम सवाल यह कि जब सरल परिस्थितियों में भी आग की घटनाएं नुकसान दायक होती हैं तो हजारों की संख्या में यात्रियों को लेकर आवागमन कर रही ट्रेनों एवं इनके संचालन की जिम्मेदारी लिए स्टेशन भवनों को अत्याधुनिक फायर उपकरणों से लैस रखने के बार में संजीदगी से क्यों नहीं सोचा जाता।
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नजदीकी फायर स्टेशनों पर निर्भर रहते हैं कर्मचारी
ज्ञानपुर। मंडुआडीह और इलाहाबाद सिटी जंक्शन को छोड़कर डीएलडब्ल्यू से दारागंज तक के स्टेशन और रेलवे हॉल्ट पर तैनात कर्मचारी नजदीकी फायर स्टेशनों पर ही निर्भर रहते हैं। ट्रैक पर दौड़ रहीं ट्रेनों में आग लगने और स्टेशनों में किसी कारणवश घटनाएं घटित हो जाने पर जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचता है, तब तक जनहानि के साथ-साथ रेलवे को काफी नुकसान का बोझ उठाना पड़ता है।
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लगाए जा रहे हैं नए संयंत्र: पीआरओ
ज्ञानपुर। वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने भी मामला गंभीर बताते हुए शीघ्र ही संयंत्रों को लगाकर सुविधाएं देने की बात कहीं। उन्होंने बताया कि नए विस्तारीकरण योजना के तहत फायर संयंत्र भी शामिल हैं, जनिको युद्घ स्तर पर लगवाया जा रहा है। संयंत्रों के लग जाने से आग की घटनाओं को काबू करने में काफी हद तक सहूलियत मिलेेगी।
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