{"_id":"60a65cd88ebc3e6ac2673618","slug":"20-teacher-workers-lost-their-lives-in-the-election-bhadohi-news-vns5903755147","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव में 20 शिक्षक-कर्मियों ने गवाईं जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव में 20 शिक्षक-कर्मियों ने गवाईं जान
विज्ञापन
ज्ञानपुर। कोरोना संक्रमण काल में पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान जिले में 21 शिक्षक-कर्मचारियों को अपनी जान गवांनी पड़ी है। इसमें सबसे अधिक नुकसान शिक्षा विभाग को ही उठाना पड़ा। अकेले बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े कुल 17 शिक्षक-शिक्षामित्रों की जान चली गई, जबकि दो कृषि विभाग और एक बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कर्मी और अधिकारी की मौत हो गई। परिजनों की ओर से मुआवजे के लिए आवेदन हुआ, जिसमें प्रशासन ने अभी तक सिर्फ तीन की संस्तुति कर आयोग को भेजी है। दरअसल पंचायत चुनाव के पहले चरण में जिले में 15 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था। इस दौरान जिले में कुल 10 हजार से अधिक मतदान अधिकारी, पीठासीन अधिकारी और मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इससे पहलेे मतदान कराने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया था और कई बैठकें भी हुईं थी। इस पर शिक्षक संघों ने आपत्ति की और संक्रमण की तेजी का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मतदान से लेकर मतगणना के दौरान दो निर्वाचन अधिकारी, एक महिला आंगनवाड़ी, 17 शिक्षक, शिक्षिका और शिक्षामित्र की मौत हो गई। इसमें परिवार वालों ने कोरोना से मौत की बात कही, हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 10 शिक्षक-शिक्षामित्रों की कोरोना से मौत की पुष्टि की। दिवंगत कर्मियों और शिक्षकों के परिवार वालों की ओर से मुआवजे के लिए प्रशासन को आवेदन किया गया।
इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि आयोग की गाइडलाइन में क़ृषि विभाग के दो एआरओ और एक आंगनबाड़ी की चुनाव ड्यूटी के दौरान मौत हुई। तीन लोगों को कोरोना से मौत होने के मामले में मुआवजे की संस्तुति की गई। शेष शिक्षक और शिक्षामित्रों की मौत न तो मतदान के समय हुई और न ही मतगणना के दौरान। जिसके कारण वह आयोग के तय गाइडलाइन में नहीं आ रहे थे। चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना से मौत होने पर 30 लाख मुआवजे का प्राविधान है।
विज्ञापन
इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि आयोग की गाइडलाइन में क़ृषि विभाग के दो एआरओ और एक आंगनबाड़ी की चुनाव ड्यूटी के दौरान मौत हुई। तीन लोगों को कोरोना से मौत होने के मामले में मुआवजे की संस्तुति की गई। शेष शिक्षक और शिक्षामित्रों की मौत न तो मतदान के समय हुई और न ही मतगणना के दौरान। जिसके कारण वह आयोग के तय गाइडलाइन में नहीं आ रहे थे। चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना से मौत होने पर 30 लाख मुआवजे का प्राविधान है।
विज्ञापन