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तापमान पहुंचा 44 पार, उबली कालीन नगरी
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ज्ञानपुर। गर्मी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को फिर अधिकतम तापमान 44 डिग्री पार कर गया। न्यूनतम तापमान में भी एक अंक की बढ़ोतरी हुई। यह 29 डिग्री दर्ज किया गया। आसमान से बरसती आग के बीच लू के थपेड़ों ने जनजीवन को झुलसा कर रख दिया। दोपहर में जिले की सड़कें सूनी हो गईं।
मौसम की तल्खी ज्यों-ज्यों बढ़ रही है, त्यों-त्यों आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है। सुबह से लेकर शाम तक दौड़ने वाली जिंदगी बेपटरी होकर हांफती नजर आई। पिछले सप्ताह से तापमान उतार-चढ़ाव का क्रम जारी रहने के बीच मंगलवार को पारा 44 डिग्री पार कर गया। इसके चलते मंगलवार इस सीजन में अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। लोगों में इस बात को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है कि जब अप्रैल में ही इस कदर गर्मी है तो मई-जून में क्या होगा।
सुबह के नौ बजे से ही शरीर को छेद देने वाली धूप शुरू हो रही है, जो पूरे दिन आम लोगों के लिए मुश्किलों का सबब बनी रहती है। गर्म हवाओं के चलते लोग घरों में ही दुबकने को विवश हो गए। साइकिल से और पैदल सफर करने वाले 10 बजे के बाद सड़कों पर चलना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। बाइक और चार पहिया, तीन पहिया वाहन सवार शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी और लू के थपेड़े बदन को ढक कर ही चलने पर मजबूर हैं। राजमार्ग हो या फिर मुख्यालय मार्ग, औराई-मिर्जापुर मार्ग, ज्ञानपुर-दुर्गागंज मार्ग, सुरियावां-भदोही मार्ग, वहिदानगर-मतेथू मार्ग, कोइरौना-कलिंजरा मार्ग, जंगीगंज-धनतुलसी मार्ग समेत सभी छोटी-बड़ी सड़कें सुनसान नजर आने लगी हैं।
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निजी स्कूल संचालक बढ़ा रहे परेशानी
ऊंज। इन दिनों डीघ क्षेत्र में निजी स्कूल संचालकों की मनमानी चरम पर है। एडमिशन और काफी -किताब बेचने के नाम पर अभिभावकों की परेशानी बढ़ाकर रख दिए है। असहनीय धूप एवं गर्मी के बीच नौनिहाल झुलस कर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। विभाग की मिलीभगत के कारण संचालकों पर न तो डीएम के फरमान का असर है और न ही धूप एवं गर्मी का। स्कूल संचालन का समय सुबह 7-11 बजे तक है, लेकिन कई स्कूल दोपहर तक चल रहे हैं। इससे मध्य दोपहर में नौनिहालों को घर पहुंचते हालत बिगड़ जा रही है। अभिभावकों ने बीएसए का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मनमानी हुए स्कूलों की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
मौसम की तल्खी ज्यों-ज्यों बढ़ रही है, त्यों-त्यों आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है। सुबह से लेकर शाम तक दौड़ने वाली जिंदगी बेपटरी होकर हांफती नजर आई। पिछले सप्ताह से तापमान उतार-चढ़ाव का क्रम जारी रहने के बीच मंगलवार को पारा 44 डिग्री पार कर गया। इसके चलते मंगलवार इस सीजन में अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। लोगों में इस बात को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है कि जब अप्रैल में ही इस कदर गर्मी है तो मई-जून में क्या होगा।
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सुबह के नौ बजे से ही शरीर को छेद देने वाली धूप शुरू हो रही है, जो पूरे दिन आम लोगों के लिए मुश्किलों का सबब बनी रहती है। गर्म हवाओं के चलते लोग घरों में ही दुबकने को विवश हो गए। साइकिल से और पैदल सफर करने वाले 10 बजे के बाद सड़कों पर चलना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। बाइक और चार पहिया, तीन पहिया वाहन सवार शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी और लू के थपेड़े बदन को ढक कर ही चलने पर मजबूर हैं। राजमार्ग हो या फिर मुख्यालय मार्ग, औराई-मिर्जापुर मार्ग, ज्ञानपुर-दुर्गागंज मार्ग, सुरियावां-भदोही मार्ग, वहिदानगर-मतेथू मार्ग, कोइरौना-कलिंजरा मार्ग, जंगीगंज-धनतुलसी मार्ग समेत सभी छोटी-बड़ी सड़कें सुनसान नजर आने लगी हैं।
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निजी स्कूल संचालक बढ़ा रहे परेशानी
ऊंज। इन दिनों डीघ क्षेत्र में निजी स्कूल संचालकों की मनमानी चरम पर है। एडमिशन और काफी -किताब बेचने के नाम पर अभिभावकों की परेशानी बढ़ाकर रख दिए है। असहनीय धूप एवं गर्मी के बीच नौनिहाल झुलस कर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। विभाग की मिलीभगत के कारण संचालकों पर न तो डीएम के फरमान का असर है और न ही धूप एवं गर्मी का। स्कूल संचालन का समय सुबह 7-11 बजे तक है, लेकिन कई स्कूल दोपहर तक चल रहे हैं। इससे मध्य दोपहर में नौनिहालों को घर पहुंचते हालत बिगड़ जा रही है। अभिभावकों ने बीएसए का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मनमानी हुए स्कूलों की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।