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इतिहास अतीत के गलतियों का बोध कराता है
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ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास विभाग में वार्षिक परिषदीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया।
केएनपीजी कॉलेज में मंगलवार को मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास विभाग में वार्षिक परिषदीय कार्यक्रम का आयोजन किया गाया। इसमें महाविद्यालय के विभिन्न विभाग के छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे ने की। इस दौरान मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय बहऊवा देहात फतेहपुर के इतिहासविद् डॉ. बालकेश्वर ने विभिन्न स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया। इस दौरान सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में मो. शाहिद बीए प्रथम वर्ष ने प्रथम स्थान, अंकित राय एमए प्रथम सेमेस्टर द्वितीय स्थान और विशाल मिश्र बीए प्रथम वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में मोनिका विश्वकर्मा बीए द्वितीय वर्ष प्रथम्र, सुधा यादव बीए द्वितीय वर्ष द्वितीय और प्रतिज्ञा पांडेय बीए तृतीय वर्ष तृतीय रहीं। पोस्टर प्रतियोगिता में निशा यादव बीए तृतीय वर्ष प्रथम, अनुज पांडेय बीए द्वितीय वर्ष द्वितीय और शिप्रा बीए तृतीय वर्ष तृतीय रहीं। प्रथम पुरस्कार प्राप्त छात्रों को डॉ. मनोेज सिंह यादव ने लिखित नादिर शाह-मुगल संबंध, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त छात्रों को डॉ. हरिशचंद्र वर्मा लिखित मध्यकालीन भारत भाग दो, तृतीय पुरस्कार प्राप्त छात्रों को डॉ. हरिशचंद्र वर्मा द्वारा लिखित मध्यकालीन भारत भाग एक की पुस्तक और प्रमाण पत्र दिया।
इस दौरान डॉ. बालकेश्वर ने इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि इतिहास केवल घटनाओं का अभिलेखीकरण करना नहीं है, बल्कि इतिहास से हमें हमारे अतीत की गलतियों का बोध होता है। कहा कि अपने आसपास के परिवेश का इतिहास लिखना चाहिए और उन पर विचार विमर्श करना चाहिए। इस दौरान प्राचार्य ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जितने से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रतिभाग करना होता है। इससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास होता है। कार्यक्रम का संचालन इतिहास विभाग के डॉ. चंद्रभान ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रमेश चंद्र यादव, भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके एस यादव, दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. किशोरीलाल, हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गोयल, डॉ. आलोक, डॉ. नीलम, डॉ. प्रीती, डॉ. अजय सोनकर, डॉ. सर्वेशानंद, डॉ. सुशील कुमार, वनस्पति विभाग के विभाग प्रभारी डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी, डॉ, रंजीत सिंह, डॉ. प्रतीक, डॉ. संजय, डॉ. रोशन प्रसाद, डॉ. अविनाश, डॉ. अरुण कुशवाहा समेत कर्मचारी और छात्र भी उपस्थित रहे।
केएनपीजी कॉलेज में मंगलवार को मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास विभाग में वार्षिक परिषदीय कार्यक्रम का आयोजन किया गाया। इसमें महाविद्यालय के विभिन्न विभाग के छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे ने की। इस दौरान मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय बहऊवा देहात फतेहपुर के इतिहासविद् डॉ. बालकेश्वर ने विभिन्न स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया। इस दौरान सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में मो. शाहिद बीए प्रथम वर्ष ने प्रथम स्थान, अंकित राय एमए प्रथम सेमेस्टर द्वितीय स्थान और विशाल मिश्र बीए प्रथम वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में मोनिका विश्वकर्मा बीए द्वितीय वर्ष प्रथम्र, सुधा यादव बीए द्वितीय वर्ष द्वितीय और प्रतिज्ञा पांडेय बीए तृतीय वर्ष तृतीय रहीं। पोस्टर प्रतियोगिता में निशा यादव बीए तृतीय वर्ष प्रथम, अनुज पांडेय बीए द्वितीय वर्ष द्वितीय और शिप्रा बीए तृतीय वर्ष तृतीय रहीं। प्रथम पुरस्कार प्राप्त छात्रों को डॉ. मनोेज सिंह यादव ने लिखित नादिर शाह-मुगल संबंध, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त छात्रों को डॉ. हरिशचंद्र वर्मा लिखित मध्यकालीन भारत भाग दो, तृतीय पुरस्कार प्राप्त छात्रों को डॉ. हरिशचंद्र वर्मा द्वारा लिखित मध्यकालीन भारत भाग एक की पुस्तक और प्रमाण पत्र दिया।
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इस दौरान डॉ. बालकेश्वर ने इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि इतिहास केवल घटनाओं का अभिलेखीकरण करना नहीं है, बल्कि इतिहास से हमें हमारे अतीत की गलतियों का बोध होता है। कहा कि अपने आसपास के परिवेश का इतिहास लिखना चाहिए और उन पर विचार विमर्श करना चाहिए। इस दौरान प्राचार्य ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जितने से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रतिभाग करना होता है। इससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास होता है। कार्यक्रम का संचालन इतिहास विभाग के डॉ. चंद्रभान ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रमेश चंद्र यादव, भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके एस यादव, दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. किशोरीलाल, हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गोयल, डॉ. आलोक, डॉ. नीलम, डॉ. प्रीती, डॉ. अजय सोनकर, डॉ. सर्वेशानंद, डॉ. सुशील कुमार, वनस्पति विभाग के विभाग प्रभारी डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी, डॉ, रंजीत सिंह, डॉ. प्रतीक, डॉ. संजय, डॉ. रोशन प्रसाद, डॉ. अविनाश, डॉ. अरुण कुशवाहा समेत कर्मचारी और छात्र भी उपस्थित रहे।
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