{"_id":"5be72a98bdec2269436b9e6e","slug":"181541876376-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्दी में बेटी को देख छलके खुशी के आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्दी में बेटी को देख छलके खुशी के आंसू
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोपीगंज। गरीबी, बेबसी और लाचारी के बीच बेटी ने पिता की उम्मीदें को बल दिया तो हर कोई खुशी से झूम उठा। बेटी को पुलिस की वर्दी में देख पिता अपनी खुशी नहीं रोक सके और आंखों से अश्रुधारा बह पड़ी। खुशी से गदगद ग्रामीणों ने गंगा आरती कर ईश्वर का धन्यवाद दिया।
गोपीगंज के रामपुर घाट निवासी दयाराम वर्मा पेशे से मजदूर हैं। मजदूरी से दो बेटियों की शादी और पांच बेटों की देखरेख की। आर्थिक तंगी के बाद भी उसने छोटी बेटी सीमा की पढ़ाई को नहीं रोका। पिता के सपनों को पूरा करने के लिए सीमा ने कड़ी मेहनत की। आखिरकार पुलिस में उसका चयन हो गया। बरेली जोन में उसकी ड्यूटी लगाई गई। शनिवार को पुलिस वर्दी में सीमा जब घर आई तो मजदूर पिता की आंखें भर आईं। गांव वाले भी काफी खुश रहे। संत विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई करने के बाद सीमा ने जंगीगंज स्थित रामदेव डिग्री कॉलेज से बीएससी किया। सीमा ने बताया कि पांच भाई दिगंबर, चंदन, सूरज, दीपक, रिंकू और बड़ी बहन रानी, श्वेता की शादी का बोझ पिता के कंधे पर था। पिता की मेहनत और भाइयों के सहयोग से उसने यह मुकाम हासिल कया।
विज्ञापन
गोपीगंज के रामपुर घाट निवासी दयाराम वर्मा पेशे से मजदूर हैं। मजदूरी से दो बेटियों की शादी और पांच बेटों की देखरेख की। आर्थिक तंगी के बाद भी उसने छोटी बेटी सीमा की पढ़ाई को नहीं रोका। पिता के सपनों को पूरा करने के लिए सीमा ने कड़ी मेहनत की। आखिरकार पुलिस में उसका चयन हो गया। बरेली जोन में उसकी ड्यूटी लगाई गई। शनिवार को पुलिस वर्दी में सीमा जब घर आई तो मजदूर पिता की आंखें भर आईं। गांव वाले भी काफी खुश रहे। संत विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई करने के बाद सीमा ने जंगीगंज स्थित रामदेव डिग्री कॉलेज से बीएससी किया। सीमा ने बताया कि पांच भाई दिगंबर, चंदन, सूरज, दीपक, रिंकू और बड़ी बहन रानी, श्वेता की शादी का बोझ पिता के कंधे पर था। पिता की मेहनत और भाइयों के सहयोग से उसने यह मुकाम हासिल कया।
विज्ञापन