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विधि विधान से पूजे गए आदिशिल्पी भगवान विश्वकर्मा
Updated Mon, 18 Sep 2017 01:07 AM IST
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विधि विधान से पूजे गए आदिशिल्पी भगवान विश्वकर्मा
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ज्ञानपुर (भदोही)।
आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती रविवार को जिले भर में धूमधाम से मनाई गई। औद्योगिक केंद्रों, प्रतिष्ठानों और लोहे के दूकानों पर विधिविधान पूर्वक पूजा-अर्चना की गई। कहीं भजन कीर्तन तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्युत सब स्टेशनों पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार संग कथा सुनी। इससे माहौल भक्तिमय हो गया। कई स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं भी स्थापित हुई।
भगवान विश्वकर्मा की जयंती के मद्देनजर प्रतिष्ठान संचालकों ने रविवार को प्रतिष्ठान बंदकर विधि विधान पूर्वक पूजन-अर्चन किया। ज्ञानपुर के पटेल नगर, घरांव, नथईपुर रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर जहां पूजन किया गया। वहीं सुरियावां, मोढ़, चौरी, औराई इलाके में भी मंत्रोच्चार संग पूजा हुई। कई स्थानों पर भजन कीर्तन, सुंदर कांड पाठ के साथ के सांस्कृतिक कार्यक्रम़ भी हुए। विद्युत उपकेंद्र, निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहित कल कारखानों में आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा की गई। गोपीगंज स्थित उपकेंद्र में भव्य शृंगार कर झांकी सजाई गई। अवर अभियंता हरिशंकर कुशवाहा ने सुदंरकांड पाठ के बाद भंडारा कर लोगों को प्रसाद वितरित किया। इस मौके पर विनोद कुमार शुक्ल, कमलेश सिंह, विश्राम, चंदन सिंह सत्यम, महिप सिंह आदि रहे। कठौता स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रबंधक संतोष कुमार सिंह ने आदि शिल्पी की पूजा की। संस्थान के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा की महिमा का बखान किया। इस मौके पर शिवनारायण सिंह आदि रहे। कठौता स्थित लाई चूरा कंपनी में सुंदरकांड पाठ हुआ। महराजगंज संवाददाता के अनुसार, बाजार समेत ग्रामीण अंचलों में कई स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। हिंदू धर्म में मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के देवता हैं। उन्होंने सोने की लंका, द्वारिका और स्वर्ग का निर्माण किया।
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आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती रविवार को जिले भर में धूमधाम से मनाई गई। औद्योगिक केंद्रों, प्रतिष्ठानों और लोहे के दूकानों पर विधिविधान पूर्वक पूजा-अर्चना की गई। कहीं भजन कीर्तन तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्युत सब स्टेशनों पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार संग कथा सुनी। इससे माहौल भक्तिमय हो गया। कई स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं भी स्थापित हुई।
भगवान विश्वकर्मा की जयंती के मद्देनजर प्रतिष्ठान संचालकों ने रविवार को प्रतिष्ठान बंदकर विधि विधान पूर्वक पूजन-अर्चन किया। ज्ञानपुर के पटेल नगर, घरांव, नथईपुर रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर जहां पूजन किया गया। वहीं सुरियावां, मोढ़, चौरी, औराई इलाके में भी मंत्रोच्चार संग पूजा हुई। कई स्थानों पर भजन कीर्तन, सुंदर कांड पाठ के साथ के सांस्कृतिक कार्यक्रम़ भी हुए। विद्युत उपकेंद्र, निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहित कल कारखानों में आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा की गई। गोपीगंज स्थित उपकेंद्र में भव्य शृंगार कर झांकी सजाई गई। अवर अभियंता हरिशंकर कुशवाहा ने सुदंरकांड पाठ के बाद भंडारा कर लोगों को प्रसाद वितरित किया। इस मौके पर विनोद कुमार शुक्ल, कमलेश सिंह, विश्राम, चंदन सिंह सत्यम, महिप सिंह आदि रहे। कठौता स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रबंधक संतोष कुमार सिंह ने आदि शिल्पी की पूजा की। संस्थान के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा की महिमा का बखान किया। इस मौके पर शिवनारायण सिंह आदि रहे। कठौता स्थित लाई चूरा कंपनी में सुंदरकांड पाठ हुआ। महराजगंज संवाददाता के अनुसार, बाजार समेत ग्रामीण अंचलों में कई स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। हिंदू धर्म में मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के देवता हैं। उन्होंने सोने की लंका, द्वारिका और स्वर्ग का निर्माण किया।
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