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सहयोग न करने पर गैंगरेप आरोपियों को भेजा जेल
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:42 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। भदोही के पूर्व बसपा सांसद गोरखनाथ पांडेय के पुत्र समेत गैंगरेप के चार आरोपियों को बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम की अदालत ने जेल भेज दिया। उन पर मुकदमे की सुनवाई में सहयोग नहीं करने का आरोप है। चारों आरोपी जमानत पर बाहर थे। हाईकोर्ट ने इस मामले में बिना किसी रियायत के जल्द निस्तारण का आदेश दिया था।
31 जुलाई 2014 को कोइरौना थानाक्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ चार युवकों ने रेप किया था। इसमें पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय का पुत्र आनंद पांडेय भी आरोपी है। सात नवंबर 2014 को कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया। इस बीच आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। पाक्सो एक्ट की धारा 35 (2) के तहत इस मामले का निस्तारण नवंबर 2015 तक हो जाना चाहिए था, लेकिन आरोपी पक्ष की बहस में हीलाहवाली के कारण मामला लटकता चला गया। 11 जुलाई 2017 के आदेश में हाईकोर्ट ने जिले की एडीजे कोर्ट से कहा कि इस मामले का बिना किसी रियायत के निस्तारण कर दिया जाए। प्रकरण में सभी पक्ष से साक्ष्य प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चार महीने से मुकदमा बहस में है। लेकिन, आरोपी पक्ष किसी न किसी कारण का हवाला देकर बहस टालता रहा। बृहस्पतिवार को अदालत में सभी आरोपी मौजूद थे। कुछ के विरुद्घ कोर्ट ने पहले से गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। बहस न करने के लिए आरोपी पक्ष से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। एडीजे प्रथम चंद्रशेखर प्रसाद की अदालत ने केस परीक्षण में सहयोग न करने पर आरोपियों आनंद पांडेय, टिंकू सिंह, विकास उर्फ वीके एवं पिंटू सिंह को जेल भेजने के साथ ही अगली सुनवाई की तिथि 28 जुलाई मुकर्रर कर दी।
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31 जुलाई 2014 को कोइरौना थानाक्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ चार युवकों ने रेप किया था। इसमें पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय का पुत्र आनंद पांडेय भी आरोपी है। सात नवंबर 2014 को कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया। इस बीच आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। पाक्सो एक्ट की धारा 35 (2) के तहत इस मामले का निस्तारण नवंबर 2015 तक हो जाना चाहिए था, लेकिन आरोपी पक्ष की बहस में हीलाहवाली के कारण मामला लटकता चला गया। 11 जुलाई 2017 के आदेश में हाईकोर्ट ने जिले की एडीजे कोर्ट से कहा कि इस मामले का बिना किसी रियायत के निस्तारण कर दिया जाए। प्रकरण में सभी पक्ष से साक्ष्य प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चार महीने से मुकदमा बहस में है। लेकिन, आरोपी पक्ष किसी न किसी कारण का हवाला देकर बहस टालता रहा। बृहस्पतिवार को अदालत में सभी आरोपी मौजूद थे। कुछ के विरुद्घ कोर्ट ने पहले से गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। बहस न करने के लिए आरोपी पक्ष से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। एडीजे प्रथम चंद्रशेखर प्रसाद की अदालत ने केस परीक्षण में सहयोग न करने पर आरोपियों आनंद पांडेय, टिंकू सिंह, विकास उर्फ वीके एवं पिंटू सिंह को जेल भेजने के साथ ही अगली सुनवाई की तिथि 28 जुलाई मुकर्रर कर दी।
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