{"_id":"5cb77331bdec22145e4833ea","slug":"171555526449-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"180 सचिवों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
180 सचिवों को नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ो
ज्ञानपुर। स्वच्छ भारत मिशन में लापरवाही बरतने पर मंगलवार शाम को 180 गांवों के ग्राम पंचायत अधिकारियों और एडीओ पंचायतों को पंचायत राज विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में सुधार नहीे होने पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से नोटिस जारी होने के बाद सेक्रेटरियों में खलबली मची है।
प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी मिशन में भी गड़बड़ी हो गई है। गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाने की खातिर शौचालय के निर्माण से लेकर मानक तक में अनदेखी हुई। जिले की 561 ग्रामसभाओं के 1091 राजस्व गांवों में 2015 से लेकर 2018 एक लाख 40 हजार शौचालय बनाए गए, जिस पर करीब 200 करोड़ खर्च हुए। दो अक्तूबर 2018 को प्रशासन की ओर से आनन-फानन में गलत रिपोर्टिंग कर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया।
जिला कमेटी की ओर से ओडीएफ 180 राजस्व गांव को मंडलीय कमेटी ने फेल कर दिया। मंडल स्तर के अधिकारियों की अलग-अलग टीमें गठित कर ओडीएफ घोषित गांवों का सत्यापन कराया तो मामला खुलने लगा। जिन गांवों को ओडीएफ घोषित किया गया है, वहां की स्थिति बेहद खराब है। यहां के लोग खुले में शौच जा रहे हैं, जबकि शौचालय मानकविहीन और अधूरे हैं। सत्यापन अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद उपनिदेशक पंचायती राज एके शाही ने डीपीआरओ को व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया। जांच में जो खामियां पाई गईं हैं, उनमें स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालय का निर्माण न होना, निर्मित शौचालय की टंकी न होने समेत छह बिंदु चिह्नित किए गए हैं, जो अधूरे हैं।
विज्ञापन
सत्यापन में यह बात भी सामने आई कि शौचालय निर्माण के लिए मिली प्रोत्साहन राशि को लाभार्थी को देने के बाद प्रधान अपने पास ही रखे रहे। अधिकतर शौचालय का निर्माण खुद की ठेकेदारी से कराया, जिससे सरकार की मंशानुसार शौचालय नहीं बन सके। जिसको लेकर पंचायत राज विभाग की ओर से 180 राजस्व गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी और एडीओ पंचायत को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में सुधार के लिए निर्देशित किया। चेतावनी जारी की गई कि सुधार न होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि नोटिस भेजकर सेक्रेटरी और एडीओ को एक सप्ताह का मौका दिया गया है, तय समय में ओडीएफ में फेल हुए राजस्व गांवों की स्थिति न सुधरी तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ज्ञानपुर। स्वच्छ भारत मिशन में लापरवाही बरतने पर मंगलवार शाम को 180 गांवों के ग्राम पंचायत अधिकारियों और एडीओ पंचायतों को पंचायत राज विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में सुधार नहीे होने पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से नोटिस जारी होने के बाद सेक्रेटरियों में खलबली मची है।
प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी मिशन में भी गड़बड़ी हो गई है। गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाने की खातिर शौचालय के निर्माण से लेकर मानक तक में अनदेखी हुई। जिले की 561 ग्रामसभाओं के 1091 राजस्व गांवों में 2015 से लेकर 2018 एक लाख 40 हजार शौचालय बनाए गए, जिस पर करीब 200 करोड़ खर्च हुए। दो अक्तूबर 2018 को प्रशासन की ओर से आनन-फानन में गलत रिपोर्टिंग कर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
जिला कमेटी की ओर से ओडीएफ 180 राजस्व गांव को मंडलीय कमेटी ने फेल कर दिया। मंडल स्तर के अधिकारियों की अलग-अलग टीमें गठित कर ओडीएफ घोषित गांवों का सत्यापन कराया तो मामला खुलने लगा। जिन गांवों को ओडीएफ घोषित किया गया है, वहां की स्थिति बेहद खराब है। यहां के लोग खुले में शौच जा रहे हैं, जबकि शौचालय मानकविहीन और अधूरे हैं। सत्यापन अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद उपनिदेशक पंचायती राज एके शाही ने डीपीआरओ को व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया। जांच में जो खामियां पाई गईं हैं, उनमें स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालय का निर्माण न होना, निर्मित शौचालय की टंकी न होने समेत छह बिंदु चिह्नित किए गए हैं, जो अधूरे हैं।
विज्ञापन
सत्यापन में यह बात भी सामने आई कि शौचालय निर्माण के लिए मिली प्रोत्साहन राशि को लाभार्थी को देने के बाद प्रधान अपने पास ही रखे रहे। अधिकतर शौचालय का निर्माण खुद की ठेकेदारी से कराया, जिससे सरकार की मंशानुसार शौचालय नहीं बन सके। जिसको लेकर पंचायत राज विभाग की ओर से 180 राजस्व गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी और एडीओ पंचायत को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में सुधार के लिए निर्देशित किया। चेतावनी जारी की गई कि सुधार न होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि नोटिस भेजकर सेक्रेटरी और एडीओ को एक सप्ताह का मौका दिया गया है, तय समय में ओडीएफ में फेल हुए राजस्व गांवों की स्थिति न सुधरी तो कार्रवाई की जाएगी।