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बीडा सफाई कर्मियों का धरना शुरू
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भदोही। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बीडा सफाई कर्मियों ने गुरुवार को कार्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि एक ओर जहां सरकार निजी कंपनियों पर कर्मचारियों को नियमित करने और उन्हें न्यूनतम वेतन निर्धारित कर रही है, तो बीडा हम लोगों के दैनिक वेतन कर्मचारी का दर्जा छीन कर ठेकेदार के माध्यम से काम करा रही है। धरनारत कर्मियों ने सीईओ के खिलाफ नारेबाजी की और अपना हक मिलने तक धरना जारी रखने का एलान किया।
सफाई कर्मियों ने कहा कि वे डेढ़ दशक से बीडा में सफाई कर्मी पद पर कार्यरत हैं। पहले उन्हें दैनिक वेतन पर रखा गया था। कुछ वर्ष बाद संविदा कर्मचारी का दर्जा दे दिया और अब ठेकेदार के माध्यम से कर दिया गया। कहा कि प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन का आदेश है कि कर्मचारियों को दैनिक वेतन पर रख कर ग्रेड पे पर काम लिया जाए। बावजूद इसके उन्हें ठेके पर कर दिया गया, जिससे उनकी आर्थिक क्षति हो रही है। बीडा के सीईओ समेत डीएम, मंडलायुक्त को कई बार प्रतिनिधित्व देने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला है। जिससे थक हार कर वे आंदोलन करने को बाध्य हैं।
धरना पर बैठे कर्मियों ने सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उनका आंदोलन तभी रुकेगा जब उनके साथ न्याय होगा। धरना में शफीक, ननका, सोनू, वंशबली, शमसुद्दीन, मो.मुस्तकीम, मनबोध, अरमान, रुस्तम, सलीम, मेराज, कुरबान, हुबलाल, सेराजुद्दीन, जावेद, राम विलास, हूबलाल, बृजलाल आदि थे।
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आंदोलन अवैध: सीईओ
भदोही। बीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शेषमणि पांडेय ने सफाई कर्मियों की हड़ताल को अवैधानिक बताया है। कहा कि हड़ताल की ना तो कोई सूचना दी गई है ना ही मुझे इसकी जानकारी है। कहा कि वे विनियमितीकरण की मांग कर रहे हैं जो संभव नहीं है। बीडा द्वारा जो किया गया है वह वैध और शासन के नियमों के तहत है। उसमें कोई बदलाव संभव नहीं है।
सफाई कर्मियों ने कहा कि वे डेढ़ दशक से बीडा में सफाई कर्मी पद पर कार्यरत हैं। पहले उन्हें दैनिक वेतन पर रखा गया था। कुछ वर्ष बाद संविदा कर्मचारी का दर्जा दे दिया और अब ठेकेदार के माध्यम से कर दिया गया। कहा कि प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन का आदेश है कि कर्मचारियों को दैनिक वेतन पर रख कर ग्रेड पे पर काम लिया जाए। बावजूद इसके उन्हें ठेके पर कर दिया गया, जिससे उनकी आर्थिक क्षति हो रही है। बीडा के सीईओ समेत डीएम, मंडलायुक्त को कई बार प्रतिनिधित्व देने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला है। जिससे थक हार कर वे आंदोलन करने को बाध्य हैं।
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धरना पर बैठे कर्मियों ने सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उनका आंदोलन तभी रुकेगा जब उनके साथ न्याय होगा। धरना में शफीक, ननका, सोनू, वंशबली, शमसुद्दीन, मो.मुस्तकीम, मनबोध, अरमान, रुस्तम, सलीम, मेराज, कुरबान, हुबलाल, सेराजुद्दीन, जावेद, राम विलास, हूबलाल, बृजलाल आदि थे।
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आंदोलन अवैध: सीईओ
भदोही। बीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शेषमणि पांडेय ने सफाई कर्मियों की हड़ताल को अवैधानिक बताया है। कहा कि हड़ताल की ना तो कोई सूचना दी गई है ना ही मुझे इसकी जानकारी है। कहा कि वे विनियमितीकरण की मांग कर रहे हैं जो संभव नहीं है। बीडा द्वारा जो किया गया है वह वैध और शासन के नियमों के तहत है। उसमें कोई बदलाव संभव नहीं है।