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जिले के सैकड़ों तालाबों पर कब्जा
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ज्ञानपुर नगर मुख्यालय से छह किमी पश्चिम में स्थित कसिदहां गांव का तालाब अतिक्रमण की चपेट में है। करीब 15 बीघे के रकबे में स्थित तालाब पर मनमाने ढंग से कब्जा किया गया है। कहीं खेत बनाए जा रहे हैं तो कहीं पाटकर निजी उपयोग में लिया जा रहा है।
औराई क्षेत्र के नरथुआ गांव में स्थित 14 बीघे रकबे का तालाब अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। एक जमाने में इस तालाब का स्वच्छ जल चर्चा का विषय हुआ करता था, लेकिन इस समय इसके भीटों पर पक्के भवन बन गए हैं। उन्हीं मकानों से निकलने वाला मलजल तालाब में बहता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर। ये तो महज बानगी भर हैं। ग्रामीण परिवेश की जीवनचर्या में अहम भूमिका निभाने वाले जिले के सैकड़ों तालाब अतिक्रमण से सिकुड़ते जा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले के एक हजार से अधिक छोटे-बड़े तालाबों पर कब्जा हो गया है। लगभग हर गांव में औसतन दो से तीन तालाब हैं, लेकिन उनमें से अधिसंख्य अतिक्रमण के शिकार हैं। कहीं खेती हो रही है तो कहीं तालाब की जमीन पर भवन बन गए हैं। कई तालाब अस्तित्व खोने की कगार पर पहुंच गए हैं। नरथुआं के पक्के तालाब में तरे बस्ती का मलजल तक बहाया जा रहा है। जबकि कब्जे हटाने को लेकर प्रशासनिक अमला सुस्त दिख रहा है।
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सुप्रीम कोर्ट का तालाबों को कब्जा मुक्त रखने का निर्देश है। इसके बावजूद जिले में बड़ी संख्या में तालाब अतिक्रमण के शिकार हैं। कई ऐतिहासिक तालाब भी अस्तित्वविहीन होते जा रहे हैं। सैकड़ों तालाबों की हजारों एकड़ जमीन को कब्जा कर निजी उपयोग में लाया जा रहा है। कहीं मकान बन गए हैं तो कहीं खेती की जा रही है। तालाब से लगायत अन्य सार्वजनिक महत्व की जमीनों पर भी कब्जा कर लिया गया है।
औराई संवाददाता के मुताबिक नरथुआ गांव में स्थित पक्का तालाब के एक छोर पर शिव मंदिर है और चारों ओर पक्की सीढ़ियां बनाई गईं हैं। लेकिन, अतिक्रमण से तालाब अस्तित्व खोते जा रहे है। गंदा पानी भी तालाबों प्रदूषित कर रहा है। घोसिया, भवानीपुर, जेठूपुर, हमीदपट्टी, बारीगांव, पुरुषोत्तमपुर, उपरौठ, मेघीपुर आदि गांवों के तालाबों पर भी कब्जा हो रहा है।
लालानगर संवाददाता के मुताबिक ज्ञानपुर विकासखंड के कठौता ग्रामसभा स्थित अंत्योदय गांव पूरे झम्मन का तालाब पहले लगभग 14 विस्वा के आसपास था। वर्तमान में यह आधा ही बचा है। ग्रामीणों की मानें तो पिछले ग्राम प्रधान के कार्यकाल में मनरेगा के तहत तालाब की खुदाई की गई थी, लेकिन वर्तमान में तालाब को अनदेखी की जा रही है, जिसका फायदा अतिक्रमणकारी उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा समय में थोड़ी सी भी बरसात होने पर तालाब में पानी लबालब भर जाता है और आसपास के लोगों के घरों में घुसने लगता है। सूबे में योगी की सरकार बनने के बाद एंटी भू माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया था, लेकिन उसका असर जिले में नहीं दिखता।
400 लोगों पर हो चुकी है कार्रवाई
डीघ ब्लॉक के दरवांसी गांव में दो दर्जन से अधिक तालाबों पर कब्जा है। इसमें कई बीघे तालाब की जमीन निजी उपयोग में ली जा रही है। तालाब की जमीन पर मकान बन गए हैं, और खेती हो रही है। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एसडीएम के निर्देश पर 400 लोगों के खिलाफ 122 बी की कार्रवाई की गई है। इसके बाद उन्हें नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
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जिले में तालाबों पर कब्जा करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। कई तालाबों को अतिक्रमणमुक्त कराया भी गया है। तालाबों पर जहां भी अतिक्रमण होगा, उसे मुक्त कराया जाएगा।
राम सिंह वर्मा, एडीएम भदोही