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हरे पेड़ों की कटान तेज

Fri, 04 Jan 2019 01:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jan 2019 01:02 AM IST
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हरे पेड़ों की कटान तेज

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ज्ञानपुर/चौरी। जिले में हरियाली को लेकर संजीदगी नहीं दिखती। स्थिति यह है कि जिले से गुजर रहे राजमार्गों के निर्माण के दौरान काटे गए हरे पेड़ों के एवज में नया पौधरोपण नहीं किया गया। हालांकि डीएफओ का कहना है कि बजट मिते ही नियमानुसार पौधरोपण कर दिया जाएगा।
भदोही-बाबतपुर मार्ग पर फोरलेन निर्माण के दौरान सफाया किए गए हरे पेड़ों की हरियाली तीन साल बाद भी नहीं लौट पाई। इसके लिए किया गया प्रयास अधूरा रह गया। कहा जा रहा है कि सड़कों के किनारे हरे पेड़ों का सफाया होने से पर्यावरण को क्षति पहुंचने के साथ ही राहगीरों को भी दिक्कतें हो रहीं हैं। फोरलेन निर्माण के समय इंदिरा मिल से भदोही जिले की सीमा बहरी नाला तक लगभग 1800 हरे पेड़ों का सफाया किया गया था। भदोही जनपद में पड़ने वाले लगभग दस किलोमीटर फोरलेन सड़क की दोनों पटरियों से पेड़ों के काटे जाने से राहगीरों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। पैदल, साइकिल और मोटरसाइकिल सवारों को गर्मी हो या बरसात, सड़क के किनारे लगे पेड़ ही सहारा होते थे। पेड़ों की कटाई होने से सड़क मैदाननुमा दिखने लगी है और राहगीरों को तपती गर्मी में सड़क पर हालत खराब हो जाती है। जबकि बारिश से कुछ देर बचाने में भी पेड़ काम आते थे।
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हालांकि वीरान सड़क पर एक वर्ष पहले फिर से हरियाली लाने के प्रयास भी वन विभाग की ओर से किया गया, लेकिन यह प्रयास उदासीनता की भेंट चढ़ गया। वन विभाग का सड़क किनारे पेड़ लगाने का प्रयास देखते-देखते ही दम तोड़ गया। इंदिरा मिल से पटरियों के किनारे लगने वाले पेड़ अभयनपुर, मानिकपुर, रोटहा और बरदहां तक ही ऑकर सीमित हो गए। इसके बाद पेड़ लगाने के प्रयास भी नहीं किए गए। इससे लक्षापुर, कंधिया, धनापुर, बरदहां आदि स्थानों पर सड़क उजाड़ सी दिख रही है। लोगों का कहना है कि फोरलेन सड़क पर तीन साल बाद भी पेड़ न लगना वन विभाग की उदासीनता को उजागर करता है। दूसरी ओर वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर पड़ने वाली जिले की लगभग 42 किलोमीटर सीमा पर हजारों पेड़ों को कटवा दिया गया था। बाद उनकी एवज में नए पौधे लगवाने के लिए कोई कवायद नहीं हुई। प्रभागीय वनाधिकारी पीसी सिंह ने कहा कि पौधरोपण के लिए फंड की मांग की गई है। धनराशि मिलते ही नियमानुसार के काटे गए पेड़ों की एवज में पौधरोपण करा दिया जाएगा।
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