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चाईनीज मांझा के खिलाफ अभियान
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:29 AM IST
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भदोही। प्रतिबंधित चाईनीज मांझा से दुर्घटनाओं को नजरअंदाज कर बिक्री से बाज नहीं आ रहे है। इसका संज्ञान लेते हुए शनिवार को उपजिलाधिकारी सुनील कुमार यादव और सीओ आशुतोष पाण्डेय ने दुकानों की जांच को निकले। इस दौरान कटरा बाजार और गजिया में कई दुकानों पर मिले खतरनाक चाईनीज व सिंथेटिक मांझा, शीशा लेपित मंझा, नायलान डोरी एवं चाइनीज मांझे को कब्जे में ले लिया। इस दौरान दुकानदारों में खलबली मची रही।
एसडीएम ने कहा कि चाईनीज मांझा खतरनाक है। इससे कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों को इसकी जानकारी भी है लेकिन फिर भी लोग इसके इस्तेमाल से बाज नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि चाईनीज मांझे के इस्तेमाल को लेकर शासन से सख्त दिशा निर्देश हैं तथा प्रशासन सख्त है। इनकी बिक्री कर रहे दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारियों ने कटरा बाजार और गजिया क्षेत्र के एक दर्जन दुकानों की जांच की जिसमे 8 दुकानों से मिले चाईनीज व नायलान मांझा सीज कर लिया गया। सीओ ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 5 के उपबन्ध की धारा 15 के तहत उल्लंघन करने वालों को पांच वर्ष तक कारावास, एक लाख रूपए तक जुर्माना अथवा दोनो हो सकता है। ऐसे में प्रतिबंधित मांझा की बिक्री से दुकानदार बचें। जांच में कोतवाल मनोज कुमार पाण्डेय भी उपस्थित रहे।
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एसडीएम ने कहा कि चाईनीज मांझा खतरनाक है। इससे कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों को इसकी जानकारी भी है लेकिन फिर भी लोग इसके इस्तेमाल से बाज नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि चाईनीज मांझे के इस्तेमाल को लेकर शासन से सख्त दिशा निर्देश हैं तथा प्रशासन सख्त है। इनकी बिक्री कर रहे दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारियों ने कटरा बाजार और गजिया क्षेत्र के एक दर्जन दुकानों की जांच की जिसमे 8 दुकानों से मिले चाईनीज व नायलान मांझा सीज कर लिया गया। सीओ ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 5 के उपबन्ध की धारा 15 के तहत उल्लंघन करने वालों को पांच वर्ष तक कारावास, एक लाख रूपए तक जुर्माना अथवा दोनो हो सकता है। ऐसे में प्रतिबंधित मांझा की बिक्री से दुकानदार बचें। जांच में कोतवाल मनोज कुमार पाण्डेय भी उपस्थित रहे।
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