{"_id":"5d0935678ebc3e0594555f77","slug":"156088457012-bhadohi-news25","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी स्कूलों में तैयार होगी खिलाड़ियों की नर्सरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी स्कूलों में तैयार होगी खिलाड़ियों की नर्सरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई के साथ ही खिलाड़ियों की नर्सरी भी तैयार की जाएगी। शासन ने खेल किट खरीदने के लिए प्राथमिक स्कूलों को पांच जबकि पूर्व माध्यमिक को 10- 10 हजार रुपये भेज दिया है। स्कूल खुलने से पहले 80 फीसदी से अधिक स्कूलों की ओर से खेल कीट खरीदा जा चुका है जबकि शेष खुलने के बाद खरीदेंगे।
प्रदेश सरकार की ओर से शुरूआती शिक्षा से ही बच्चों में खेल की भावना जागृत करने और खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार करने के लिए बजट आवंटित किया गया। जिले में 1143 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में करीब 75 लाख रूपये भेजा गया है। इससे विभिन्न खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों को खेल सामग्री मुहैया कराई जायेगी। बजट आने के बाद उसे एसएमसी के खाते में भेज दिया गया। मई में ही पैसा भेजने के बाद ज्यादातर स्कूलों की ओर से खेल किट खरीदा जा चुका है। जिला व्यायाम शिक्षक मनोज कुमार उपाध्याय ने कहा कि पहली बार खेल सामग्री के लिए शासन से बजट मिला है। पूर्व में मिलने वाले शुल्क से ही सामान खरीदा जाता था। स्कूलों में खेल सामग्री आने से बच्चों में खेल के प्रति रुझान बढ़ेगा और खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार हो सकेगी।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार की ओर से शुरूआती शिक्षा से ही बच्चों में खेल की भावना जागृत करने और खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार करने के लिए बजट आवंटित किया गया। जिले में 1143 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में करीब 75 लाख रूपये भेजा गया है। इससे विभिन्न खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों को खेल सामग्री मुहैया कराई जायेगी। बजट आने के बाद उसे एसएमसी के खाते में भेज दिया गया। मई में ही पैसा भेजने के बाद ज्यादातर स्कूलों की ओर से खेल किट खरीदा जा चुका है। जिला व्यायाम शिक्षक मनोज कुमार उपाध्याय ने कहा कि पहली बार खेल सामग्री के लिए शासन से बजट मिला है। पूर्व में मिलने वाले शुल्क से ही सामान खरीदा जाता था। स्कूलों में खेल सामग्री आने से बच्चों में खेल के प्रति रुझान बढ़ेगा और खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार हो सकेगी।
विज्ञापन