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वट वृक्ष का पूजन-अर्चन कर सुहागिनों ने रखा व्रत
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ज्ञानपुर/गोपीगंज। सोमवार को सुहागिनों ने व्रत रख पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष का पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्घि की कामना की गई। नगर से लेकर ग्रामीण अंचल तक वट वृक्ष का पूजन-अर्चन चर्चाओं में छाया रहा।
ज्ञानपुर नगर स्थित हरिहरनाथ धाम परिसर में वट वृक्ष की पूजा कर महिलाओं ने सुख सौभाग्य की कामना की। इस दौरान मंगल गाए गए। गोपीगंज नगर के पूर्वी छोर पर विराजमान प्राचीन बाबा बड़े शिव मंदिर पर सोमवार की सुबह से ही बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं के सज-धज कर वटवृक्ष का सविधि पूजन-अर्चन से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान बना रहा। सोमवार के दिन पड़ने वाले सोमवती अमावस्या को शनि अमावस्या का अच्छा संयोग होता है और महिलाएं व्रत रख पति की लंबी उम्र और स्वस्थ रहने की कामना वट वृक्ष का पूजन कर की जाती है। सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण भी किया गया। मंदिर के पुजारी राजेश पंडा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रख जो भी मनोकामनाएं मांगती हैं, वह अवश्य पूरी होती है। इसी तरह नगर के अन्य शिव मंदिरों और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालय पूजन-अर्चन से गूंजते रहे।
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ज्ञानपुर नगर स्थित हरिहरनाथ धाम परिसर में वट वृक्ष की पूजा कर महिलाओं ने सुख सौभाग्य की कामना की। इस दौरान मंगल गाए गए। गोपीगंज नगर के पूर्वी छोर पर विराजमान प्राचीन बाबा बड़े शिव मंदिर पर सोमवार की सुबह से ही बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं के सज-धज कर वटवृक्ष का सविधि पूजन-अर्चन से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान बना रहा। सोमवार के दिन पड़ने वाले सोमवती अमावस्या को शनि अमावस्या का अच्छा संयोग होता है और महिलाएं व्रत रख पति की लंबी उम्र और स्वस्थ रहने की कामना वट वृक्ष का पूजन कर की जाती है। सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण भी किया गया। मंदिर के पुजारी राजेश पंडा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रख जो भी मनोकामनाएं मांगती हैं, वह अवश्य पूरी होती है। इसी तरह नगर के अन्य शिव मंदिरों और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालय पूजन-अर्चन से गूंजते रहे।
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