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पौत्र की पत्नी के नाम कर आवंटित कर दिया मृतक आश्रित कोटा
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औराई। तहसील क्षेत्र के मुक्तापुर गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का गलत ढंग से आवंटन होने का मामला प्रकाश में आया है। इसे लेकर ग्राम प्रधान ने एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही जनसूचना अधिकार के तहत विभागीय अधिकारियों से सूचना भी मांगी है।
मुक्तापुर गांव के स्व. सतीशंकर मिश्रा कई वर्षों तक गांव के कोटेदार रहे। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी अमरावती देवी को मृतक आश्रित के तहत दुकान आवंटन कर दिया गया। कुछ महीने पहले अमरावती देवी का निधन हो गया। इसके बाद मृतक आश्रित कोटे के तहत उनके पुत्रों को या उनकी बहुओं को दुकान का आवंटन न कर सीधे उनके पौत्र की पत्नी के नाम आवंटन कर दिया गया। इसे लेकर ग्राम प्रधान ने आपत्ति करते हुए एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायती पत्र भेज कर आपत्ति दर्ज कराई है। आरोप है कि नई दुकान आवंटन के समय न तो कोई खुली बैठक की गई और ना ही ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को सूचना दी गई। विभागीय अधिकारियों ने मनमाने ढंग से आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली। इस मामले में आपूर्ति निरीक्षक अमरेश भटनागर से जब टेलीफोन पर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मृतक आश्रित के तहत ऐसा किया जा सकता है, लेकिन, जब उनसे पूछा गया कि मृतक आश्रित के पौत्र की पत्नी के नाम दुकान का आवंटन हो सकता है, तो इस बात पर वह कन्नी काटते रहे। साथ ही कोटेदार का नाम पूछने पर जवाब दिया कि उन्हें कोटेदार का नाम नहीं मालूम। उप जिलाधिकारी औराई अभय कुमार पांडेय ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह गलत है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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मुक्तापुर गांव के स्व. सतीशंकर मिश्रा कई वर्षों तक गांव के कोटेदार रहे। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी अमरावती देवी को मृतक आश्रित के तहत दुकान आवंटन कर दिया गया। कुछ महीने पहले अमरावती देवी का निधन हो गया। इसके बाद मृतक आश्रित कोटे के तहत उनके पुत्रों को या उनकी बहुओं को दुकान का आवंटन न कर सीधे उनके पौत्र की पत्नी के नाम आवंटन कर दिया गया। इसे लेकर ग्राम प्रधान ने आपत्ति करते हुए एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायती पत्र भेज कर आपत्ति दर्ज कराई है। आरोप है कि नई दुकान आवंटन के समय न तो कोई खुली बैठक की गई और ना ही ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को सूचना दी गई। विभागीय अधिकारियों ने मनमाने ढंग से आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली। इस मामले में आपूर्ति निरीक्षक अमरेश भटनागर से जब टेलीफोन पर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मृतक आश्रित के तहत ऐसा किया जा सकता है, लेकिन, जब उनसे पूछा गया कि मृतक आश्रित के पौत्र की पत्नी के नाम दुकान का आवंटन हो सकता है, तो इस बात पर वह कन्नी काटते रहे। साथ ही कोटेदार का नाम पूछने पर जवाब दिया कि उन्हें कोटेदार का नाम नहीं मालूम। उप जिलाधिकारी औराई अभय कुमार पांडेय ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह गलत है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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