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निष्पक्ष एवं पारदर्शी होगी मतगणना
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ज्ञानपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में मतगणना कार्मिकों का प्रशिक्षण हुआ। दो पालियों में संपन्न प्रशिक्षण में कार्मिकों को अहम जानकारी दी गई। मतगणना शुरू होने से पूर्व कंट्रोल यूनिट का नंबर और सील को अभिकर्ताओं को जरूर दिखाने के लिए कहा गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि 23 मई को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो जाएगा। कहा कि मतगणना में निष्पक्षता एवं पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। सभी मतगणना कार्मिक पूर्ण रूप से प्रशिक्षित हो लें, यदि कहीं संशय हो तो पुन: मास्टर ट्रेनर से पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि सीयू (कंट्रोल यूनिट) में रिकार्ड मत ही मान्य होगा। यह कार्य बहुत ही आसान है, परेशान होने की कोई जरूरत नही है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कठिनाई आती है, तो उपस्थित माइक्रो आब्जर्वर और एआरओ को अवगत कराएं, उसका समाधान तत्काल होगा। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्र के भीतर पान, गुटखा,मोबाइल कोई भी मतगणना कार्मिक अपने साथ लेकर नहीं जा सकेगा। मुख्य विकास अधिकारी/नोडल-प्रभारी अधिकारी मतगणना कार्मिक हरिशंकर सिंह ने कहा कि कोई भी मतगणना कार्मिक किसी प्रकार का टेंशन न लें, जो-जो प्रारूप भरने के लिये दिए जाएंगे उसका प्रशिक्षण प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि जहां उन्हें समझने में दिक्कत आ रही वह अपने नोट बुक में नोट कर लें और मास्टर ट्रेनर से बार-बार प्रयास कर सीख लें।अपर उप जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश ने प्रशिक्षण में कंट्रोल यूनिट को प्रदर्शित करते हुए प्रत्याशियों को मिले मतों की गणना से संबंधित प्रत्येक बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्धारित अभिकर्ता अपने टेबुल के सामने ही निर्धारित स्थल पर रहेगा। यदि कोई अभिकर्ता किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न करता है, तो उसकी शिकायत एआरओ से तुरंत करें। मतगणना स्थल पर अधिकृत अभिकर्ता ही रहेगा। स्टेट मास्टर ट्रेनर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक विधान सभा में 14 टेबल पर मतगणना कार्य और एक टेबल एआरओ के लिए लगाई जाएगी। मतगणना टेबल पर एक माइक्रो आब्जर्वर, एक मतगणना प्रेक्षक, एक मतगणना सहायक, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी तैनात होंगे। उन्होंने बताया कि मतगणना के बाद प्रारूप 17 सी भाग दो प्रत्येक टेबल कार्मियों को भर कर अपने सहायक निर्वाचन अधिकारी के टेबल पर प्रस्तुत किया जाएगा। मतगणना सुपरवाइजर की टेबल के सामने निर्धारित स्थल पर अधिकृत गणना एजेंटों, जिनके पास पहचान पत्र हों, वही रहेंगे। मतगणना सुपरवाइजर कंट्रोल यूनिट कैरिंग बाक्स की सील गणना एजेंटों को दिखाने के बाद ही बाक्स खोलेंगे। बताया कि प्रत्येक विधान सभा में पांच-पांच वीवीपैट की पर्चियों का मिलान किया जाएगा। इस दौरान पीपीटी का प्रजेंटेशन स्क्रीन पर करके प्रशिक्षणार्थियों को मतगणना से जुड़ी जानकारी दी गई।
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जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि 23 मई को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो जाएगा। कहा कि मतगणना में निष्पक्षता एवं पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। सभी मतगणना कार्मिक पूर्ण रूप से प्रशिक्षित हो लें, यदि कहीं संशय हो तो पुन: मास्टर ट्रेनर से पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि सीयू (कंट्रोल यूनिट) में रिकार्ड मत ही मान्य होगा। यह कार्य बहुत ही आसान है, परेशान होने की कोई जरूरत नही है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कठिनाई आती है, तो उपस्थित माइक्रो आब्जर्वर और एआरओ को अवगत कराएं, उसका समाधान तत्काल होगा। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्र के भीतर पान, गुटखा,मोबाइल कोई भी मतगणना कार्मिक अपने साथ लेकर नहीं जा सकेगा। मुख्य विकास अधिकारी/नोडल-प्रभारी अधिकारी मतगणना कार्मिक हरिशंकर सिंह ने कहा कि कोई भी मतगणना कार्मिक किसी प्रकार का टेंशन न लें, जो-जो प्रारूप भरने के लिये दिए जाएंगे उसका प्रशिक्षण प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि जहां उन्हें समझने में दिक्कत आ रही वह अपने नोट बुक में नोट कर लें और मास्टर ट्रेनर से बार-बार प्रयास कर सीख लें।अपर उप जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश ने प्रशिक्षण में कंट्रोल यूनिट को प्रदर्शित करते हुए प्रत्याशियों को मिले मतों की गणना से संबंधित प्रत्येक बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्धारित अभिकर्ता अपने टेबुल के सामने ही निर्धारित स्थल पर रहेगा। यदि कोई अभिकर्ता किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न करता है, तो उसकी शिकायत एआरओ से तुरंत करें। मतगणना स्थल पर अधिकृत अभिकर्ता ही रहेगा। स्टेट मास्टर ट्रेनर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक विधान सभा में 14 टेबल पर मतगणना कार्य और एक टेबल एआरओ के लिए लगाई जाएगी। मतगणना टेबल पर एक माइक्रो आब्जर्वर, एक मतगणना प्रेक्षक, एक मतगणना सहायक, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी तैनात होंगे। उन्होंने बताया कि मतगणना के बाद प्रारूप 17 सी भाग दो प्रत्येक टेबल कार्मियों को भर कर अपने सहायक निर्वाचन अधिकारी के टेबल पर प्रस्तुत किया जाएगा। मतगणना सुपरवाइजर की टेबल के सामने निर्धारित स्थल पर अधिकृत गणना एजेंटों, जिनके पास पहचान पत्र हों, वही रहेंगे। मतगणना सुपरवाइजर कंट्रोल यूनिट कैरिंग बाक्स की सील गणना एजेंटों को दिखाने के बाद ही बाक्स खोलेंगे। बताया कि प्रत्येक विधान सभा में पांच-पांच वीवीपैट की पर्चियों का मिलान किया जाएगा। इस दौरान पीपीटी का प्रजेंटेशन स्क्रीन पर करके प्रशिक्षणार्थियों को मतगणना से जुड़ी जानकारी दी गई।
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