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भागवत कथा सुनने से होता है जीवों का कल्याण
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सुरियावां। क्षेत्र के पूरेमनोहर गांव स्थित अष्टभुजा मंदिर परिसर में सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ सप्ताह व्यापी श्रीमद्भागवत का शुभारंभ हो गया। कलश यात्रा में शामिल महिला-पुरुष भक्त क्षेत्र भ्रमण कर मंदिर पहुंचे और कथा का शुभारंभ मंत्रोच्चार के बीच कराया।
प्रथम दिन कथा को गति देते हुए कथावाचक पं. जटाशंकर दुबे ने कहा कि भागवत कथा का अनुसरण करने मात्र से सभी जीवों का कल्याण हो जाता है। भागवत ही ऐसा पुराण है, जिसके अध्ययन, श्रवण एवं दर्शन से व्यक्ति के सारे पाप दूर हो जाते हैं और भक्त भगवान के दिव्य गोलोक धाम का उत्तराधिकारी बन जाता है। यह नहीं कि भागवत कथा का आयोजन अपने ही स्थान पर हो तभी कथा सुनी जाए। जहां कहीं भी कथा हो रही हो, वहां पहुंचने और श्रवण करने से भी सारा श्रेय मिलने लगता है। कथा स्थल पर भगवान स्वयं भक्तों के अंदर प्रवाहित होकर लोगों को प्रेरित करते हैं। इस मौके पर राजमनि तिवारी, रामधनी दुबे, बृजभूषण दुबे, रामपति दुबे, डॉ. मनोज दुबे, राजेंद्र, रामयज्ञ शुक्ला, देवीप्रसाद मौर्य, कन्हैयालाल विश्वकर्मा, डॉ. रामविलास मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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प्रथम दिन कथा को गति देते हुए कथावाचक पं. जटाशंकर दुबे ने कहा कि भागवत कथा का अनुसरण करने मात्र से सभी जीवों का कल्याण हो जाता है। भागवत ही ऐसा पुराण है, जिसके अध्ययन, श्रवण एवं दर्शन से व्यक्ति के सारे पाप दूर हो जाते हैं और भक्त भगवान के दिव्य गोलोक धाम का उत्तराधिकारी बन जाता है। यह नहीं कि भागवत कथा का आयोजन अपने ही स्थान पर हो तभी कथा सुनी जाए। जहां कहीं भी कथा हो रही हो, वहां पहुंचने और श्रवण करने से भी सारा श्रेय मिलने लगता है। कथा स्थल पर भगवान स्वयं भक्तों के अंदर प्रवाहित होकर लोगों को प्रेरित करते हैं। इस मौके पर राजमनि तिवारी, रामधनी दुबे, बृजभूषण दुबे, रामपति दुबे, डॉ. मनोज दुबे, राजेंद्र, रामयज्ञ शुक्ला, देवीप्रसाद मौर्य, कन्हैयालाल विश्वकर्मा, डॉ. रामविलास मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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